बिहार में खगड़िया पुल गिरने के दो दिन बाद राज्य सरकार के पथ निर्माण विभाग (आरसीडी) ने इसके निर्माण में शामिल कंपनी एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके अलावा, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को भी इसी मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इस मामले में, अधिवक्ता मणि भूषण सेंगर द्वारा पटना उच्च न्यायालय के समक्ष एक जनहित याचिका (पीआईएल) भी दाखिल की गई है, जिसमें घटना की न्यायिक जांच की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं ने विशेष रूप से एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी को ब्लैक लिस्ट में डालने का अनुरोध किया है, और अदालत से इस निर्माण कंपनी द्वारा बिहार में चल रही सभी परियोजनाओं को रोकने के लिए एक आदेश जारी करने का आग्रह किया है।
बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने भी मंगलवार को मीडिया से बात की और कहा कि निर्माण कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुल का निर्माण समयबद्ध तरीके से किया जाएगा क्योंकि यह मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने पुल के पिलर नंबर 5 के मुद्दे को व्यक्तिगत रूप से उठाया है और इस पर ध्यान दिया जाएगा। इंजीनियर्स को हटाया गया है, कॉन्ट्रैक्टर पर भी कार्रवाई होगी। हमें पहले ही इसपर शक था। नए सिरे से पुल का निर्माण कराया जाएगा। हमारी कोशिश है कि यह निश्चित समय सीमा के अंदर कार्य पूरा हो।
उन्होंने आगे कहा- मामले की जांच हो रही है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी…जो पुल की राशि होगी वह कॉन्ट्रैक्टर पर आएगी… IIT रुड़की पहले ही जांच कर रही है। अब CBI वाले इंजीनियर तो है नहीं।
यह दूसरी बार है जब यही पुल गिरा है। पिछले साल अप्रैल में भी इस पुल का एक हिंसा गिरा था, फिर भी निर्माण कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस वजह से एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के प्रति राज्य सरकार के कथित पक्षपात के बारे में चिंता जताई गई है।
निर्माणाधीन पुल बिहार के भागलपुर में रविवार, 4 जून को शाम करीब 6 बजे ढह गया। पुल गिरने के दृश्य कैमरे में कैद हो गए और पुल के दो हिस्से एक के बाद एक गिरते हुए दिखाई दिए। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं थी।
