कर्नाटक चुनाव: कांग्रेस बनी किंग, बीजेपी की सत्ता में वापसी की उम्मीदों पर फिरा पानी; CM बसवराज बोम्मई ने मानी हार

224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस ने स्पष्ट बहुमत प्राप्त कर ली है और इसी के साथ बीजेपी की दूसरी बार सत्ता में लौटने की उम्मीदें धराशायी हो गईं। जश्न में डूबे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े, मिठाइयां बांटी और ढोल नगाड़ों की थाप पर झूमे। इस बीच कर्नाटक कांग्रेस ने रविवार को विधायक दल की बैठक बुलाई है। खबर लिखे जाने तक कांग्रेस 137 सीटों पर आगे चल रही है। तो वहीं बीजेपी जो राज्य में 34 साल पुरानी सत्ता विरोधी लहर को तोड़ने की उम्मीद कर रही थी, महज 62 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इस बीच, जद(एस) 21 सीटों पर आगे है।

हालांकि, अभी कांग्रेस के सीएम के चेहरे पर अभी सस्पेंस है। कांग्रेस में सीएम पद के लिए सिद्धारमैया और डी के शिवकुमार प्रबल दावेदार हैं। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में कांग्रेस की तरफ से भेजे गए केंद्रीय पर्यवेक्षक विधायक दल के नेता पर सुझाव लेंगे। सभी विधायक एक लाइन का प्रस्ताव पारित करेंगे कि कांग्रेस आलाकमान तय करे सीएम कौन होगा?

कांग्रेस पार्टी ने बेंगलुरु में हिल्टन होटल में 50 कमरे बुक किए गए हैं। इन कमरों की बुकिंग कांग्रेस विधायकों के लिए की गई है। कांग्रेस ने सभी जीते हुए प्रत्याशियों को रात 8 बजे होटल में पहुंचने के लिए कहा है। रविवार को विधायक दल की बैठक होनी है।

कांग्रेस को मिले स्पष्ट बहुमत के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हम गरीबों के मुद्दे पर लड़े। हमने मोहब्बत से प्यार से यह लड़ाई लड़ी। कर्नाटक की जनता ने हमे दिखाया कि मोहब्बत इस देश को अच्छी लगती है।व् कर्नाटक में नफरत का बाजार बंद हुआ है। मोहब्बत की दुकानें खुली हैं। यह सबकी जीत है। यह कर्नाटक की जनता की जीत है। उन्होंने कहा कि चुनाव में हमने कर्नाटक की जनता से 5 वादे किए थे। इन वादों को पहले दिन, पहली कैबिनेट में पूरा किया जाएगा।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा,’कर्नाटक की जनता ने हमें भारी बहुमत दिया है। वह इसके लिए कर्नाटक के लोगों को धन्यवाद देत हैं। हाथ जोड़कर उन्हें नमस्कार करते हैं। हमारे काम उनके विश्वास के साथ न्याय करेगा। हम सभी 5 गारंटियों को पूरा करेंगे।’

कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने अपने आवास से लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने कहा, ये अखंड कर्नाटक की जीत है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने हमेशा हमारा साथ दिया। सिद्धारमैया समेत सभी कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद।

कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने कहा कि ये कांग्रेस पार्टी के लिए बड़ी जीत है। कर्नाटक के लोग बदलाव चाहते थे क्योंकि वे बीजेपी की सरकार से तंग हो चुके थे। ‘ऑपरेशन लॉटस’ पर बीजेपी ने खूब पैसा खर्च किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की पदयात्रा ने पार्टी के कैडर को उत्साहित करने में भी मदद की। सिद्धारमैया ने कहा कि ये नतीजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के खिलाफ जनादेश हैं। पीएम कर्नाटक में 20 बार आएं। किसी भी प्रधानमंत्री ने इस तरह से प्रचार नहीं किया था।

कर्नाटक चुनाव में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का असर साफ़ दिखाई पड़ा। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ कर्नाटक के 21 सीटों से गुजरी थी। इनमें से 17 पर कांग्रेस को जीत मिलती दिख रही है। 2018 में कांग्रेस ने इन सीटों में से सिर्फ पांच में जीती थी।

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा, मोदी जी ने तानाशाही कर भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने पर राहुल गांधी की सदस्यता रद्द कर दी थी। आज उसी भ्रष्टाचार के चलते कर्नाटक की जनता ने उन्हें राज्य से निकाल दिया। इससे साबित हो गया है सत्ताधारी नहीं आम जनता तय करती है कि सत्ता किसके हाथ में जाएगी।

राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा, राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कर्नाटक में जो माहौल दिखा था, आज उसी का नतीजा कर्नाटक के चुनाव परिणाम में स्पष्ट दिख रहा है। यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने शानदार कैंपेन किया। कर्नाटक ने सांप्रदायिक राजनीति को नकार कर विकास की राजनीति को चुना है। आने वाले राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना विधानसभा चुनाव में भी इसकी पुनरावृत्ति होगी।

विधानसभा चुनाव के रुझानों में बहुमत मिलने के बाद कांग्रेस पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी पोस्ट किया। इस विडियो में राहुल गांधी के भारत जोड़ो यात्रा के कुछ फोटोज लेकर एक वीडियो बनाया, जिसके बैकग्राउंड में “आई एम अनस्टॉपेबल” सॉन्ग सुनाई दे रहा है।

वहीं कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई ने हार को स्वीकार करते हुए कहा, हम आगे बढ़ेंगे। हम और मजबूती से वापसी करेंगे। हम लोकसभा चुनाव में मजबूती से वापसी करेंगे। हम पार्टी संगठन को दोबारा खड़ा करेंगे। इन नतीजों का एनालिसिस किया जाएगा। हम देखेंगे, कहां कमी रह गई।

अखिलेश यादव ने कर्नाटक के इस जीत को बीजेपी का ‘अंतकाल’ बताया। उन्होंने ट्वीट कर कहा- ‘कर्नाटक का संदेश ये है कि भाजपा की नकारात्मक, सांप्रदायिक, भ्रष्टाचारी, अमीरोन्मुखी, महिला-युवा विरोधी, सामाजिक-बँटवारे, झूठे प्रचारवाली, व्यक्तिवादी राजनीति का ‘अंतकाल’ शुरू हो गया है। ये नये सकारात्मक भारत का महंगाई, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार व वैमनस्य के ख़िलाफ़ सख़्त जनादेश है।’

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट कर कहा, जैसे-जैसे कर्नाटक चुनाव का परिणाम अंतिम रूप ले रहा है, वैसे-वैसे स्पष्ट होता जा रहा है कि कांग्रेस जीत गई है और प्रधानमंत्री हार गए हैं। बीजेपी ने अपने चुनाव अभियान को पीएम और राज्य को उनका ‘आशीर्वाद’ मिलने को लेकर जनमत संग्रह बना लिया था। इसे स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया गया है! उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी ने यह चुनाव आजीविका और खाद्य सुरक्षा, महंगाई, किसान संकट, बिजली आपूर्ति, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के स्थानीय मुद्दों पर लड़ा। प्रधानमंत्री ने विभाजनकारी रणनीति अपनाई और ध्रुवीकरण का प्रयास किया। कर्नाटक ने बेंगलुरु में एक इंजन के लिए वोट किया है, जो आर्थिक विकास को सामाजिक सद्भाव के साथ जोड़ेगा।

मालूम हो कि कर्नाटक में 10 मई को मतदान हुआ था। राज्य में 73.19 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। 2018 के चुनाव में बीजेपी 104 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, उसके बाद कांग्रेस 80, जेडी (एस) 37 और निर्दलीय, बसपा और कर्नाटक प्रज्ञावंता जनता पार्टी (केपीजेपी) को एक-एक सीट मिली थी। लेकिन, किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाया था। ऐसे में बीजेपी ने सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा कर सरकार बनाई थी। येदियुरप्पा ने सीएम पद की शपथ ली थी लेकिन वे बहुमत साबित नहीं कर पाए थे। ऐसे में उन्हें तीन दिन में इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद कांग्रेस ने जेडीएस के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। जेडीएस के कुमार स्वामी राज्य के सीएम बने थे. लेकिन 14 महीने के बाद ही कांग्रेस के कुछ विधायकों ने बगावत कर बीजेपी का दामन थाम लिया था। इसके बाद कुमारस्वामी सरकार गिर गई थी। राज्य में एक बार फिर येदियुरप्पा के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बनी। हालांकि, 2 साल बाद येदियुरप्पा ने इस्तीफा दे दिया और बसवराज बोम्मई ने सीएम पद की शपथ ली। 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने 38.04 प्रतिशत वोट शेयर हासिल किया था। भाजपा को 36.22 प्रतिशत, जद (एस) को 18.36 प्रतिशत वोट मिले थे।

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