राजस्थान के हनुमानगढ़ के पास सोमवार सुबह एक मिग-21 लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से चार लोगों की मौत हो गई। विमान में सवार दोनों पायलट को हल्की चोटें आई हैं मगर वो सुरक्षित है। भारतीय वायुसेना के सूत्रों के मुताबिक, लड़ाकू विमान ने सूरतगढ़ से उड़ान भरी थी।
फाइटर जेट नियमित प्रशिक्षण उड़ान भर रहा था जब यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। वायुसेना ने कहा कि पायलट बाल-बाल बच गया और उसे मामूली चोटें आईं। दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए जांच शुरू कर दी गई है। दुर्घटनाग्रस्त विमान का मलबा उन पर गिरने से चार लोगों की मौत हो गई।
आईएएफ ने कहा, “भारतीय वायुसेना का एक मिग-21 विमान आज सुबह एक नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान सूरतगढ़ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकल गया, उसे मामूली चोटें आई हैं। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए एक जांच गठित की गई है।”
उधर, घटनास्थल पर परिजन प्रशासन के लोगों को शव नहीं उठाने दे रहे हैं। परिजनों ने प्रशासन का विरोध जताते हुए लिखित मुआवजे की मांग की है। परिजनों का कहना है कि मौके पर वादा करके अधिकारी निकल जाते हैं, बाद में कुछ नहीं मिलता। जब तक उन्हें प्रशासन की ओर से मुआवजा का लिखित में भरोसा नहीं मिलता, शव को नहीं उठाने देंगे।
MiG-21 क्रैश की हाल की घटनाओं को देखते हुए एयरफोर्स ने इसे अपने बेड़े से हटा रही है। एयरफोर्स ने पिछले साल 30 सितंबर तक मिग 21 बाइसन की एक स्क्वाड्रन को हटा दिया था। मिग 21 की बाकी तीन स्क्वाड्रन को चरणबद्ध तरीके से 2025 तक बाहर करने की योजना है।
इससे पहले जनवरी में राजस्थान के भरतपुर में एक प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान दो IAF फाइटर जेट्स- एक सुखोइ Su-30 और एक मिराज 2000 के दुर्घटनाग्रस्त होने में एक पायलट की जान चली गई थी। जहां एक विमान मध्य प्रदेश के मुरैना में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, वहीं दूसरा दुर्घटनाग्रस्त होकर राजस्थान के भरतपुर में उतरा।
पिछले हफ्ते, भारतीय सेना का हेलिकॉप्टर जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
अप्रैल में कोच्चि में एक और दुर्घटना हुई जब परीक्षण के दौरान एक तटरक्षक हेलीकॉप्टर ने क्रैश लैंडिंग की।
पिछले साल अक्टूबर में अरुणाचल प्रदेश में सेना के दो हेलिकॉप्टर क्रैश हो गए थे।
पिछले साल जुलाई में रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि राजस्थान के बाड़मेर जिले के पास मिग -21 ट्रेनर विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना में दो पायलटों की मृत्यु हो गई थी।
