झारखंड के जमशेदपुर में एक धार्मिक झंडे को ‘अपवित्र’ किए जाने के बाद दो समूहों के बीच ईंट-पत्थरबाजी और आगजनी हुई है। जमशेदपुर के शास्त्रीनगर में झड़प के दौरान दुकानों और वाहनों में आग लगाने के बाद सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी गई है। इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। पुलिस ने बताया कि इलाके में शनिवार रात से ही तनाव व्याप्त हो गया था जब एक स्थानीय संगठन के सदस्यों ने पाया कि रामनवमी के झंडे पर मांस का एक टुकड़ा लगा हुआ था। इसके बाद स्थिति हिंसक हो गई और दो गुटों के बीच ईंट-पत्थरबाजी शुरू हो गई।
पुलिस की टीम इलाके में गश्त कर रही है। वहीं, पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हिंसा की घटना के बाद 47 लोगों को हिरासत में लिया गया है। स्थिति अब नियंत्रण में है। अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। लोगों से भ्रामक खबरों से दूर रहने की अपील की जा रही है।
पूर्वी सिंहभूम जिला उपायुक्त विजया जाधव ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्व शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं और उनकी साजिश को विफल करने के लिए लोगों से सहयोग मांगा गया है। जमशेदपुर के शास्त्रीनगर में रविवार को दो दुकानों और एक ऑटो रिक्शा में आग लगा दी गई थी, जिसके बाद पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
अनुविभागीय अधिकारी (धालभूम) पीयूष सिन्हा ने कहा, “सीआरपीसी की धारा 144 के तहत इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।” पुलिस ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए शास्त्रीनगर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। झड़प के बाद जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च किया।
कार्यकारी मजिस्ट्रेट ज्योति कुमारी ने बताया, “फाॅर्स सुबह-सुबह फ्लैग मार्च कर रहे हैं। इलाके में धारा 144 लागू है। इंटरनेट सेवाएं अगले आदेश तक रोक दी गई हैं।”
जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रभात कुमार ने बताया, “पूरे इलाके में बल तैनात कर दिया गया है। आरएएफ की एक कंपनी तैनात है। कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।” कुमार ने कहा, “स्थिति नियंत्रण में है और युद्धरत समूहों को तितर-बितर कर दिया गया है। हमने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है।”
