मध्य प्रदेश के एक जिला अस्पताल में एनेस्थेटिस्ट के अभाव में भर्ती करने से इनकार करने के बाद एक 30 वर्षीय महिला ने ऑटो रिक्शा में बच्चे को जन्म दिया। बाद में मां और बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया और वे ठीक हैं। जिला अधिकारी ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और कहा कि अगर कोई दोषी पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले से ताल्लुक रखने वाले दिनेश सिलावट ने कहा कि वह कुछ दिनों से नीमच जिले में रह रहे हैं और कंबल बेच रहे हैं। गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे उनकी पत्नी रजनी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो वह उन्हें ऑटो रिक्शा से जिला अस्पताल ले गए। उन्होंने दावा किया, लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों ने उनसे अपनी पत्नी को उदयपुर, राजस्थान ले जाने के लिए कहा।
सिलावट ने कहा, “मेरे बार-बार अनुरोध करने के बावजूद, वे नहीं माने और महिला कर्मचारियों ने हमें अस्पताल छोड़ने के लिए कहा। जैसे ही हम शाम 4 बजे के आसपास अस्पताल से बाहर आए, मेरी पत्नी ने ऑटो रिक्शा में बच्चे को जन्म दिया।”
घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और कलेक्टर ने एडीएम को मामले की जांच के निर्देश दिए। जिसके बाद एडीएम लक्ष्मी गामड़ जिला चिकित्सालय पहुंचीं और पीड़ित महिला से चर्चा की निरीक्षण के दौरान लोगों ने भ्रष्टाचार सहित अन्य अनियमितता के आरोप भी लगाए। एडीएम गामड़ ने जिला चिकित्सालय के डिलेवरी वार्ड का निरीक्षण किया तथा सड़क पर नवजात को जन्म देने वाली महिला से भी मुलाकात कर चर्चा की।
सिलावट ने घटना की पूरी जानकारी देते हुए बताया, “जब मेरी पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया तो कुछ नेकदिल लोगों ने चादरों की व्यवस्था कर दी।”
उन्होनें कहा, जब अस्पताल के कर्मचारियों को प्रसव के बारे में पता चला, तो उन्होंने उसे और नवजात शिशु को अस्पताल में रहने दिया।
इस बीच, प्रसूति विभाग के प्रमुख डॉ. लाड धाकड़ ने कहा कि एनेस्थेटिस्ट छुट्टी पर हैं, जिसके चलते वहां सिजेरियन डिलीवरी नहीं हो सकीं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में नियमित ड्यूटी के लिए भी पर्याप्त डॉक्टर नहीं हैं।
उन्होनें कहा, “मेरी ड्यूटी 2 बजे तक थी। उसके बाद महिला को अस्पताल लाया गया। जब स्टाफ ने मुझे बताया तो मैंने जाकर उसे देखा। उसका रक्तचाप बढ़ रहा था। परिवार के सदस्यों को बताया गया कि उसे एक बड़े अस्पताल में ले जाना होगा, लेकिन वे वहीं रुक गए। हम जोखिम से बचने के लिए ऐसे गंभीर रोगियों को भर्ती नहीं करते हैं।”
