हरियाणा के नूह में हुई हिंसा के आरोपी बिट्टू बजरंगी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. स्वयंभू गौरक्षक बिट्टू बजरंगी अपनी विभाजनकारी टिप्पणियों के लिए जाना जाता है। 1 अगस्त को बिट्टू बजरंगी के खिलाफ पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई थी। एक वायरल वीडियो में वह भगवा पोशाक में नजर आ रहा था और पृष्ठभूमि में धमकी भरे गीत बज रहे थे। शिकायतकर्ताओं में से एक सहायक पुलिस अधीक्षक (एएसपी) उषा थीं, जिन्होंने आरोप लगाया कि यात्रा पर जाने से रोकने की कोशिश करने के बाद बिट्टू बजरंगी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। अधिकारी के अनुसार, वह उनके वाहन के बोनट पर भी बैठा। बाद में, बजरंगी पर एक लोक सेवक के कर्तव्य में बाधा उत्पन्न करने का भी मामला दर्ज किया गया।
बिट्टू को पुलिस ने फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी बिल्कुल भी सामान्य नहीं हुई है। पुलिस को उसे पकड़ने के लिए काफी दौड़भाग करनी पड़ी है। दरअसल बिट्टू बजरंगी की गिरफ्तारी का एक वीडियो सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि पुलिस ने बिल्कुल फिल्मी स्टाइल में बिट्टू बजरंगी की गिरफ्तारी की है। CCTV फुटेज में देखा जा सकता है कि फरीदाबाद में जैसे ही नूंह की CIA की टीम सादा वर्दी में हथियारों से लैस तीन गाड़ियों के काफिले के साथ बिट्टू के घर पर पहुंची तो टीम को देख कर बिट्टू बजरंगी भागने लगा। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक के बाद एक पुलिसकर्मी बिट्टू के पीछे भाग रहे हैं और भारी भरकम शरीर वाला बिट्टू पुलिस के चंगुल से भागता हुआ दिखाई दे रहा है।
बिट्टू बजरंगी और 15-20 अन्य लोगों के खिलाफ थाना सदर नूह में अवैध हथियार अधिनियम व आईपीसी की संगीन धाराओं 148/149/332/353/186/395/397/506 IPC के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था। जानकारी के मुताबिक बिट्टू बजरंगी व अन्य 15-20 लोगों ने नूंह में महिला पुलिस अधिकारी के सामने तलवार इत्यादि हथियारों से प्रदर्शन कर नारेबाजी की थी। उसे पुलिस ने समझाया भी था लेकिन उग्र होकर उसने सरकारी काम में बाधा डाली थी।
बिट्टू बजरंगी ने पहले एक धीमी गति वाली वीडियो क्लिप साझा की थी जिसमें उसे भगवा पोशाक में चलते हुए दिखाया गया था, जिसमें एक साउंडट्रैक भी था, जिसके बोल थे “गोली पे गोली चलेंगी, बाप तो बाप रहेगा।”
बीते दिनों एक इंटरव्यू में बिट्टू बजरंगी में से जब उनके वायरल वीडियो के बारे में सवाल किया गया था तो उन्होंने कहा था, “मैंने सिर्फ उन लोगों को जवाब दिया था जिन्होंने मुझे धमकी दी थी।”
मालूम हो कि 31 जुलाई (सोमवार) को भीड़ द्वारा वीएचपी की ‘बृज मंडल जलाभिषेक यात्रा’ को रोकने की कोशिश के बाद नूंह में सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी। उसके बाद पड़ोसी गुरुग्राम में भी हिंसा फैली थी, पथराव किया गया था और कारों को आग लगा दी गई थी। भीड़ ने गुरुग्राम में एक मुस्लिम मौलवी की हत्या कर दी थी और रेस्तरां में आग लगा दी गई और दुकानों में तोड़फोड़ की गई। हिंसा में छह लोगों की मौत हो गई थी। पलवल, मानेसर, फ़रीदाबाद और रेवाडी से भी आगजनी की घटनाएँ सामने आईं। मौजूदा स्थिति के कारण प्रभावित जिलों में निषेधाज्ञा आदेश जारी किए गए और इंटरनेट बंद कर दिया गया।हरियाणा सरकार के मुताबिक, हिंसा के सिलसिले में 116 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 90 लोगों को हिरासत में लिया गया।
