प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला और कहा कि आज बेंगलुरु में कट्टर भ्रष्टाचारियों की बैठक हो रही है। पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष का आदर्श वाक्य है ‘परिवार पहले और देश कुछ नहीं।’ अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पोर्ट ब्लेयर हवाई अड्डे के नए एकीकृत टर्मिनल भवन (एनआईटीबी) के उद्घाटन के बाद संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष केवल व्यक्तिगत लाभ में रुचि रखता है।
पीएम मोदी ने कहा, “उनका मंत्र है – परिवार के लिए और परिवार के लिए।” उन्होंने कहा कि विपक्ष अपने बीच के भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए एकजुट है।
उन्होंने कहा, “लंबे समय तक भारत में विकास का दायरा कुछ दलों की स्वार्थ भरी राजनीति के कारण देश के दूर दराज वाले इलाकों तक पहुंचा ही नहीं। ये दल उन्हीं कामों को प्राथमिकता देते थे जिसमें इनका खुद का भला हो इनके परिवार का भला हो, नतीजा ये हुआ कि जो आदिवासी क्षेत्र और द्वीप हैं वहां की जनता विकास से वंचित रही, विकास के लिए तरसती रही।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “2024 के लिए देश के लोगों ने हमारी सरकार वापस लाने का मन बना लिया है। ऐसे में भारत की बदहाली के जिम्मेदार कुछ लोग अपनी दुकान खोलकर बैठ गए हैं। इन्हें देखकर मुझे एक कविता याद आती है, “गायित कुछ है, हाल कुछ है, लेबिल कुछ है माल कुछ है”। 24 के लिए 26 होने वाले दलों पर ये फिट बैठता है।”
उन्होंने कहा कि “देश के लोग कहते हैं कि यह ‘कट्टर भ्रष्टाचार सम्मेलन’ है… इस बैठक की एक और खासियत यह है कि अगर कोई करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार में जमानत पर बाहर है, तो उन्हें बहुत सम्मान की नजर से देखा जाता है। अगर पूरा परिवार जमानत पर बाहर हैं, वे अधिक सम्मानित हैं…यदि कोई किसी समुदाय का अपमान करता है और अदालत द्वारा दंडित किया जाता है, तो वह सम्मानित होता है…आज देश की जनता ने तय कर लिया है कि हमें 2024 में वापस लाना है। इसलिए जो लोग भारत की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार हैं, उन्होंने अपनी दुकानें खोल ली हैं…गाना तो कोई और गा रहे हैं लेकिन हकीकत कुछ और है। लेबल किसी और चीज का लगाया गया है लेकिन प्रोडक्ट किसी और का है. इनकी दुकानों पर जातिवाद का जहर और अपार भ्रष्टाचार की गारंटी है। अब, वे बेंगलुरु में हैं।”
उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में, यह लोगों का, लोगों द्वारा और लोगों के लिए है। लेकिन वंशवादी राजनीतिक दलों के लिए, यह परिवार का है, परिवार द्वारा और परिवार के लिए है। परिवार पहले, राष्ट्र कुछ भी नहीं। यह उनका आदर्श वाक्य है। नफरत, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की राजनीति है। देश वंशवादी राजनीति की आग का शिकार है। उनके लिए, केवल उनके परिवार का विकास मायने रखता है, देश के गरीबों का नहीं…।”
उन्होंने कहा, जो लोग इकट्ठा हुए हैं (विपक्ष), वे सभी अपने भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर चुप रहते हैं…पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव के दौरान हिंसा हुई और वे सभी चुप थे। कांग्रेस और वामपंथी कार्यकर्ता अपनी सुरक्षा की गुहार लगा रहे थे। लेकिन उनके नेता इतने स्वार्थी थे कि उन्होंने कार्यकर्ताओं को उस गंभीर स्थिति में छोड़ दिया…तमिलनाडु में, भ्रष्टाचार के कई मामले अब उजागर हो रहे हैं लेकिन वे (विपक्ष) पहले ही क्लीन चिट का दावा कर चुके हैं।’
पीएम का ये हमला ऐसे समय हुआ है जब शीर्ष विपक्षी दल 2024 के आम चुनावों में पीएम मोदी और भाजपा से मुकाबला करने की रणनीति तैयार करने के लिए बेंगलुरु में एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग ले रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा, ”ये तो कट्टर भ्रष्टाचारी सम्मेलन हो रहा है (यह भ्रष्ट लोगों का जमावड़ा है)।
पीएम ने कहा कि अभी तक मौजूदा टर्मिनल की क्षमता हर रोज 4,000 पर्यटकों को सेवा देने की थी, नया टर्मिनल बनने के बाद इस हवाईअड्डे की क्षमता रोज करीब-करीब 11,000 पर्यटकों को सेवा देने की हो गई है। हवाईअड्डे पर अब एक साथ 10 विमान खड़े हो पाएंगे। यानी यहां के लिए नए विमानों का भी रास्ता खुल गया है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पुरानी सरकारों की गलतियों को सुधारा है। उन्होंने कहा, “पिछले 9 वर्षों में हमने न केवल पुरानी सरकारों की गलतियों को सुधारा है, बल्कि लोगों को नई सुविधाएं और रास्ते भी दिए हैं। आज भारत में विकास का एक नया मॉडल सामने आया है। यह समावेशन का मॉडल है। सबका साथ, सबका विकास’ का एक मॉडल है। हम से पहले की सरकार के 9 साल में अंडमान निकोबार को करीब 23,000 करोड़ रुपये का बजट अलॉट किया गया था। जबकि हमारी सरकार के दौरान अंडमान निकोबार के विकास के लिए 9 वर्षों में करीब 48 हजार करोड़ रुपये का बजट दिया गया है।”
