मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक शख्स के मजदूर पर पेशाब करने के वीडियो ने हंगामा मचा दिया है। जिस आदमी पर पेशाब किया जा रहा है वह आदिवासी है। वह सीधी का रहने वाला है और मजदूरी करता है। वायरल वीडियो पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संज्ञान लिया है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाने का आदेश दे दिया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्विटर पर लिखा, “सीधी जिले का एक वायरल वीडियो मेरे संज्ञान में आया है… मैंने प्रशासन को निर्देश दिया है कि दोषी को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए और एनएसए भी लगाया जाए।”
आदिवासी युवक पर पेशाब करने वाला युवक बीजेपी विधायक केदार शुक्ला का प्रतिनिधि प्रवेश शुक्ला बताया जा रहा है। जिस आदिवासी शख्स पर पेशाब किया गया। उसका नाम पाले कोल बताया जा रहा है, जो सीधी जिले के करोंदी गांव का है। मामले के तूल पकड़ने के बाद बीजेपी विधायक केदार शुक्ला ने कहा कि प्रवेश उनका प्रतिनिधि नहीं है।
केदारनाथ शुक्ला ने कहा, वह (वीडियो में अपराधी) न तो मेरा प्रतिनिधि है और न ही सहयोगी। वह किसी भी तरह से बीजेपी से जुड़े हुए नहीं हैं। मैं दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा हूं।
इस वीडियो की मध्य प्रदेश में विपक्षी नेताओं ने भी तीखी आलोचना की है। एमपी के पूर्व सीएम कमल नाथ ने कहा, ‘सभ्य समाज में ऐसे घृणित और गिरे हुए कृत्य के लिए कोई जगह नहीं है।’ उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश में आदिवासियों पर अत्याचार बंद होना चाहिए।
कांग्रेस MLA सज्जन सिंह वर्मा ने कहा, ‘मैंने वीडियो देखा है। शिवराज सिंह चौहान के शासन में इतने घिनौने कृत्य हो रहे हैं ये आश्चर्यजनक है। सीधी जिले का भाजपा का नेता एक आदिवासी पर पेशाब कर रहा है। ये आदिवासियों की सिर्फ कागजी स्थिति सुधारना चाहते हैं।”
मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष और आदिवासी नेता विक्रांत भूरिया ने इस घटना को शर्मनाक बताया है।
हालांकि इस मामले में मध्य प्रदेश बीजेपी के मीडिया विंग ने दावा किया है कि इस वीडियो में नजर आ रहा शख्स बीजेपी से जुड़ा हुआ नहीं है।
आरोपी की पहचान प्रवेश शुक्ला के रूप में हुई है। सीधी की स्थानीय पुलिस ने उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 294 और 504 और एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की है।
