मध्यप्रदेश के सीहोर में 300 फीट बोरवेल में गिरे नाबालिग का शव 3 दिन बाद हुआ बरामद

मध्य प्रदेश के सीहोर में 300 फुट के बोरवेल में गिरी ढाई साल की नाबालिग बच्ची का शव गुरुवार देर शाम बरामद किया गया। तीन दिनों से उसे जिंदा निकालने की कोशिश की जा रही थी। बचावकर्ता एक पाइप के माध्यम से बच्चे को ऑक्सीजन की आपूर्ति करते रहे। रोबोटिक विशेषज्ञों, सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ कर्मियों की एक टीम ने मुंगावली गांव के एक खेत में शव को बाहर निकाला। रेस्क्यू ऑपरेशन 50 घंटे से ज्यादा चला। गुरुवार को वह और फिसलकर करीब 100 फीट नीचे आ गई थी।

6 जून को उसके बोरवेल में गिरने के बाद वह 40 फीट पर फंस गई थी। हालांकि, उसके बचाव अभियान में इस्तेमाल की जा रही मशीनों के कंपन के कारण वह 100 फीट गहराई तक चली गई थी।

एसपी सीहोर ने बताया कि खेत के मालिक और 300 फीट गहरे बोरवेल के लिए जिम्मेदार मयक अवस्थी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं, एक डॉक्टर ने बताया कि नाबालिग लड़की का शव सड़ी-गली हालत में अस्पताल पहुंचा था और मौत का कारण दम घुटना है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर जिले के मुंगावली गांव में बोरवेल में गिरी ढाई साल की बच्ची की मौत पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि बच्ची बहुत छोटी थी। हमने बच्ची को बचाने के लिए सेना को भी बुलाया था। हमने कोशिश बहुत की। हम बोरवेल खुला छोड़ने वालों के ख़िलाफ़ विधिवत कार्रवाई करेंगे।

रोबोटिक टीम के प्रभारी महेश आर्य ने गुरुवार सुबह बचाव अभियान के दौरान संवाददाताओं से कहा था कि, “हमने जानकारी एकत्र करने के लिए एक रोबोट को बोरवेल में उतारा है और हम बच्चे की स्थिति जानने के लिए इसे स्कैन करके डेटा को प्रोसेस कर रहे हैं।”

रोबोटिक विशेषज्ञों की टीम गुरुवार सुबह गुजरात से पहुंची। नाबालिग बच्ची श्रृष्टि मंगलवार दोपहर करीब एक बजे बोरवेल में गिर गई। एक अधिकारी ने उसकी स्थिति के विवरण का खुलासा किए बिना बताया कि उसे पूरी जांच के लिए एंबुलेंस में जिला अस्पताल ले जाया गया।

नाबालिग लड़की की मौत के साथ ही खुले और छोड़े गए बोरवेल के खतरों ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।

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