उत्तर प्रदेश के मेरठ में गुरुवार को उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स के साथ हुई मुठभेड़ में गैंगस्टर अनिल दुजाना मारा गया। दुजाना पर हत्या और जबरन वसूली सहित 60 से अधिक मामले दर्ज थे। इसमें दुजाना के खिलाफ नोएडा, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हत्या, लूट, डकैती और उगाही जैसे संगीन मामलों में एफआईआर दर्ज हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यूपी एसटीएफ की टीम और अनिल दुजाना के गिरोह के बीच मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ में गैंगस्टर मारा गया। गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में अनिल दुजाना के नाम को आतंक का पर्याय माना जाता था।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपराधिक गिरोहों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की मुहिम छेड़ रखी है। कई बार वो दो टूक कह चुके हैं कि माफिया अपराध करने से तौबा कर लें, वरना उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में कई अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई हो भी चुकी है।
दुजाना की कुख्यात माफिया सुंदर भाटी और उसके गैंग से रंजिश रही है। इस रंजिश में कई हत्याएं हो चुकी हैं। साल 2012 में दुजाना और उसके गैंग ने सुंदर भाटी और उसके करीबियों पर AK-47 राइफल से हमला किया था। ये दोनों गैंग सरकारी ठेकों, सरिया की चोरी और टोल के ठेकों को लेकर अक्सर आमने-सामने आते रहे हैं। यही वजह थी कि पुलिस दुजाना को जब पेशी पर लेकर कोर्ट जाती थी तो उसे बुलेटप्रूफ जैकेट दी जाती थी।
10 अप्रैल 2023 को वह जेल से छूटा था। जेल से छूटते ही उसने गौतमबुद्ध नगर में अपने खिलाफ गवाही देने वालों को धमकाया।
मालूम हो कि अनिल दुजाना गैंगस्टर नरेश भाटी का करीबी था, जिसकी कथित तौर पर सुंदर भाटी ने हत्या कर दी थी। इसके बाद दुजाना ने सुंदर भाटी पर हमला बोल दिया था। नरेश भाटी की मौत के बाद उसके गिरोह की कमान अनिल दुजाना ने संभाली थी।
