कर्नाटक के कालबुर्गी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक जहरीले सांप की तरह हैं। खड़गे ने कहा कि, “धानमंत्री मोदी ‘जहरीले सांप’ की तरह है, आप सोचेंगे कि यह जहर है या नहीं। यदि आप इसे चखेंगे, तो आपकी मौत हो जाएगी…”। इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि ये बयान उनकी हताशा दिखाती है कि कांग्रेस कर्नाटक को खो रही है और पार्टी इसे जानती है।
Now Congress Presidnet Kharge calls Prime Minister Modi ‘poisonous snake’…
What started with Sonia Gandhi’s ‘maut ka saudagar’, and we know how it ended, the Congress continues to plummet to new depths.
The desperation shows Congress is losing ground in Karnataka and knows it. pic.twitter.com/75FECizSOW
— Amit Malviya (@amitmalviya) April 27, 2023
हालांकि बाद में खड़गे ने सफाई दी और कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी सांप की तरह है। यदि आप इसे चखने की कोशिश करेंगे तो आप अंततः उसके बाद मर जाएंगे। मैंने उनके (पीएम मोदी) बारे में बात नहीं की। मैं व्यक्तिगत बयान नहीं देता। मेरे कहने का मतलब है कि उनकी विचारधारा सांप की तरह है। चाटने की कोशिश करोगे तो मौत निश्चित है”।
#WATCH मैंने प्रधानमंत्री मोदी और RSS की विचारधारा के बारे में कुछ कहा, मेरा विचार उनकी विचारधारा को लेकर है। किसी पर निजी आक्रमण नहीं है: प्रधानमंत्री मोदी को लेकर अपने बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, शिरहट्टी pic.twitter.com/w4vXXzPHk0
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 27, 2023
खड़गे की सफाई देने के बाद भी बीजेपी इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर हमलावर रही। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा- बार-बार चुनावों में हार और कांग्रेस की बौखलाहट ये कहीं न कहीं कांग्रेस की मजबूरी बन जाती है मोदी जी को अपमानित करने की, गालियां निकालने की। सोनिया गांधी से लेकर उनके अब तक के अध्यक्ष कभी मोदी जी को मौत का सौदागर कहते हैं, कभी बिच्छू कहते हैं, कोई सांप कहता है….कांग्रेस को देश से माफी मांगनी होगी नहीं तो कर्नाटक की जनता इनकी ज़मानत ज़ब्त कराकर इनको मुंह तोड़ जवाब देगी।
कर्नाटक के मुख्मंत्री बसवराज बोम्मई कि, खड़गे जी के मन में जहर है। वे प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के प्रति पूर्वाग्रह से ग्रसित हैं। इस तरह की सोच हताशा के कारण आती है क्योंकि वे उनसे राजनीतिक रूप से लड़ने में असमर्थ हैं और वे देख रहे हैं कि उनका जहाज डूब रहा है।
वहीं केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि खड़गे जी जैसे अनुभवी व्यक्ति ने जो आज शब्द कहा और वे जिस पार्टी से आते हैं उस पार्टी की नेत्री(सोनिया गांधी) कभी प्रधानमंत्री को मौत का सौदागर कहती थीं। इस प्रकार के शब्द प्रजातंत्र में ग्रहणीय नहीं है। हमें लगता है कि खड़गे जी की कुछ मजबूरी रही होगी उन्होंने अपने आकाओं को संतुष्ट करने के लिए इस प्रकार के शब्दों का प्रयोग किया है।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी पीछे नहीं रहीं। उन्होंने कहा- आज वे किस प्रकार का जहर उगल रहे हैं ये देश देख रहा है। ये पहली बार नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी पर कांग्रेस के किसी नेता ने अभद्र टिप्पणी की हो। ऐसी टिप्पणी से उन्होंने ये सुनिश्चित कर दिया है कि कांग्रेस की कर्नाटक चुनाव में हार पक्की है। ये शब्द भले ही खड़गे जी के हो लेकिन ये आस्था, ये विष गांधी खानदान का है जो उगला जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री पद गांधी परिवार का अधिकार है, गांधी परिवार के लिए वफादारी दिखाने के लिए वे(मल्लिकार्जुन खड़गे) ऐसी बातें बोलते हैं। लेकिन जब भी उन्होंने ऐसी बात बोली है लोगों ने इसका जवाब दिया है…खड़गे जी को माफी मांगनी चाहिए।
बीजेपी के इन नेताओं के बयान के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक बार फिर अपने वक्तव्य के बारे में बताया और ट्वीट कर लिखा- “BJP की विचारधारा विभाजनकारी, वैमनस्यपूर्ण तथा ग़रीबों व दलितों के प्रति नफ़रत व पूर्वाग्रह से भरी है। मैंने इसी नफ़रत व द्वेष की राजनीति की चर्चा की। मेरा बयान न व्यक्तिगत तौर से प्रधानमंत्री मोदी जी के लिये था ना किसी और व्यक्ति विशेष के लिए……मैंने ग़रीबों व दलितों का दुख दर्द देखा भी है और सहा भी है। पॉंच दशकों से भाजपा तथा RSS की विभाजनकारी विचारधारा से, उनके नेताओं से, मेरा विरोध हमेशा से रहा है। मेरी राजनीतिक लड़ाई उनकी राजनीति के ख़िलाफ़ थी, है और हमेशा रहेगी…और न ही यह मेरे लम्बे राजनीतिक जीवन का आचरण है। मैंने सदा दोस्तों व विरोधियों के प्रति राजनीतिक शुचिता की मर्यादाओं और परंपराओं को निभाया है और जीवन के आख़िरी साँस तक निभाऊँगा। मैं बड़े पदों पर बैठे लोगों की तरह व्यक्तियों और उनकी तकलीफ़ों का मज़ाक़ नहीं उड़ाता क्योंकि…… अपितु जिस विचारधारा का वो प्रतिनिधित्व करते हैं, उसके लिए था। प्रधानमंत्री मोदी जी के साथ हमारी लड़ाई निजी लड़ाई नहीं है। वैचारिक लड़ाई है। मेरा इरादा किसी की भावना आहत करने का नहीं था और अगर ज़ाने अनजाने में किसी की भावना आहत हुई तो ये मेरी मंशा कदापि नहीं थी…।
BJP की विचारधारा विभाजनकारी, वैमनस्यपूर्ण तथा ग़रीबों व दलितों के प्रति नफ़रत व पूर्वाग्रह से भरी है।
मैंने इसी नफ़रत व द्वेष की राजनीति की चर्चा की। मेरा बयान न व्यक्तिगत तौर से प्रधानमंत्री मोदी जी के लिये था ना किसी और व्यक्ति विशेष के लिए..
— Mallikarjun Kharge (@kharge) April 27, 2023
