कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सोमवार को जगदीश शेट्टार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस नेता सिद्धारमैया, केसी वेणूगोपाल, रणदीप सुरजेवाला और कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार की मौजूदगी में कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए। जगदीश शेट्टार ने कल ही भाजपा से अपना इस्तीफा दिया था। शेट्टार अब कांग्रेस से अपनी सीट हुबली-धारवाड़ से ही चुनाव लड़ेंगे।
कांग्रेस महासचिव (कर्नाटक प्रभारी) रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर उनके राजनीति कद के बारे में बताया। कांग्रेस नेता ने अपने ट्वीट में लिखा- एक नया अध्याय, एक नया इतिहास, एक नई शुरुआत…।
कांग्रेस में शामिल होने के बाद जगदीश शेट्टार ने कहा कि, “मैंने सोचा था कि एक वरिष्ठ नेता होने के नाते मुझे टिकट मिल जाएगा लेकिन जब मुझे पता चला कि मुझे टिकट नहीं मिल रहा है तो मैं चौंक गया। किसी ने मुझसे बात नहीं की। किसी ने मुझे इसका आश्वासन भी नहीं दिया कि आगे मुझे क्या पद मिलेगा। कल मैंने भाजपा से अपना इस्तीफा दिया और आज मैं कांग्रेस पार्टी में शामिल हो रहा हूं। एक विपक्षी नेता के रूप में कई लोग हैरान हैं, पूर्व CM और पार्टी अध्यक्ष कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। भाजपा ने मुझे हर पद दिया है और पार्टी कार्यकर्ता होने के नाते मैंने हमेशा पार्टी के विकास के लिए काम किया है”।
शेट्टार ने कहा- “मैंने कर्नाटक भाजपा को बनाया, खड़ा किया, लेकिन मेरे साथ बुरा व्यवहार किया गया। मेरे जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ कर्नाटक में भाजपा द्वारा अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता है। मैंने हमेशा भाजपा के लिए रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की और हर पद पर अच्छा प्रदर्शन किया। लेकिन मैं खुद के सम्मान को अब चोट नहीं पहुंचा सकता। अब और नहीं।”
जगदीश शेट्टार ने भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि वरिष्ठ नेताओं ने उनके साथ बुरा व्यवहार किया। उन्होंने टिकट बंटवारे को लेकर भी बीजेपी पर हमला बोला। शेट्टार ने कहा, “मैं सातवीं बार हुबली-धारवाड़ जीतूंगा। बीजेपी के लिए हमेशा रिकॉर्ड अंतर से जीता और हर पद पर अच्छा प्रदर्शन किया।”
कांग्रेस में शामिल होने के बाद जगदीश शेट्टार ने कहा कि, “मैं पूरे दिल से कांग्रेस में शामिल हो रहा हूं। डीके शिवकुमार, सिद्धारमैया, रणदीप सुरजेवाला और एमबी पाटिल सहित कांग्रेस नेताओं ने मुझसे संपर्क किया था। जब उन्होंने मुझे आमंत्रित किया, तो मैं बिना कुछ सोचे-समझे आ गया।”
वहीं जगदीश शेट्टार के कांग्रेस में शामिल होने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि, इससे शक्ति भी मिलेगी और एकजुटता भी होगी और यह दर्शता है कि जो वातावरण कर्नाटक में बन रहा है इससे सब लोग खुश हैं और सभी नेता हमसे जुड़ रहे हैं। यह लिंगायत का सवाल नहीं लोग हमारे कार्यक्रम देखकर जुड़ रहे हैं।
मालूम हो कि पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार को सियासत विरासत में मिली है। शेट्टार के पिता एसएस शेट्टार हुबली-धारवाड़ नगर निगम में 5 बार पार्षद रहे थे। वह मेयर भी थे। इसके अलावा उनके भाई एमएलसी और चाचा विधायक थे। उनके चाचा सदाशिव शेट्टार जनसंघ से 1967 में हुबली से विधायक थे। शेट्टार परिवार की हुबली-धारवाड़ इलाके में मजबूत पकड़ है। शायद यही वजह है कि पिछले दिनों शेट्टार ने बीजेपी से कहा था कि अगर उन्हें टिकट नहीं दिया जाता है तो इसका असर राज्य के अलावा उत्तर कर्नाटक की 20 से 25 विधानसभा सीटों पर पड़ेगा।
कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने कहा कि, “जगदीश शेट्टार से कोई मांग नहीं होगी, हम कुछ भी पेश नहीं करते हैं। उन्हें (जगदीश शेट्टार) पार्टी के सिद्धांतों और नेतृत्व से सहमत होना होगा। हम देश को एकजुट रखना चाहते हैं और केवल कांग्रेस ही ऐसा कर सकती है”।
बता दें कि चुनावी राज्य कर्नाटक में राजनीति तेज हो रही है। शनिवार को कांग्रेस ने अपने 43 उम्मीदवारों की तीसरी सूची जारी की, लेकिन सिद्धारमैया को अब भी कोलार सीट से टिकट नहीं मिला है। साथ ही भाजपा के असंतुष्ट विधायक पार्टी छोड़ रहे हैं। कर्नाटक में 10 मई को एक ही चरण में विधानसभा चुनाव होंगे। मतगणना 13 मई को होनी है।
