पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रमुख नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी संभावित रिहाई की अटकलों पर विराम लगाते हुए शुक्रवार को कहा कि उन्हें एक अप्रैल, शनिवार को जेल से रिहा किया जाएगा। वह 1988 के एक रोड रेज मामले में जेल में बंद है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सिद्धू को उसके अच्छे आचरण के लिए समय से पहले रिहा कर दिया जाएगा।
सिद्धू ने एक ट्वीट में कहा, “सभी को सूचित किया जाता है कि सरदार नवजोत सिंह सिद्धू को शनिवार को पटियाला जेल से रिहा कर दिया जाएगा। (जैसा कि संबंधित अधिकारियों ने सूचित किया है)।”
क्रिकेटर से नेता बने इमरान कल पटियाला जेल से रिहा होंगे क्योंकि वह 1988 के रोड रेज मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाए गए एक साल के सश्रम कारावास को पूरा करने के करीब हैं।
पिछले साल 20 मई को सिद्धू को एक मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद पटियाला की एक अदालत के सामने आत्मसमर्पण करने के बाद जेल भेज दिया गया था। मामले में सिद्धू को निचली अदालत ने बरी कर दिया था, लेकिन हाईकोर्ट ने सिद्धू को 3 साल कैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद सिद्धू की ओर से सुप्रीम कोर्ट में फैसले को चुनौती दी गई थी। 15 मई 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने नवजोत सिद्धू को इस मामले में 1 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। लेकिन पीड़ित के परिजनों ने मई 2018 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी। इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 19 मई 2022 को सिद्धू को एक साल की सजा सुनाई थी।
बता दें कि नवजोत सिंह सिद्धू वर्ष 1988 में एक रोड रेज की घटना में आरोपी थे। यह मामला पटियाला निवासी गुरनाम सिंह की दिसंबर 1988 में सिद्धू और उसके एक दोस्त द्वारा पिटाई के बाद मौत से संबंधित है। 27 दिसंबर 1988 को सिद्धू और रूपिंदर सिंह संधू ने पटियाला में शेरांवाला गेट क्रॉसिंग के पास सड़क के बीच में कथित तौर पर अपनी जिप्सी खड़ी कर दी थी। जब 65 वर्षीय गुरनाम सिंह कार से मौके पर पहुंचे तो उन्होंने उन्हें एक तरफ हटने को कहा। इसके बाद सिद्धू ने सिंह की पिटाई कर दी। उन्होंने कथित तौर पर भागने से पहले सिंह की कार की चाबियां भी निकाल लीं ताकि उसे चिकित्सा सहायता न मिल सके।
