संगम की रेती पर फिर आबाद होगा तम्बूओं का शहर, माघ मेला की तैयारियों को अंतिम रूप

प्रयागराज: संगम की रेती पर लगने वाले माघ मेला 2022 की तैयारी मेला प्रशासन की ओर से जोर-शोर से शुरू कर दी गई है। प्रयागराज में संगम की रेती पर हर साल तम्बूओं का एक छोटा शहर आबाद होता है, शहर छोटा जरूर होता है लेकिन उसमें पूरा भारत समाहित होता है। विदेशी भी आते हैं। दरअसल इस साल गंगा में पानी की वजह से मेले की तैयारियां देर से शुरू हुई।  लेकिन मेला प्रशासन का दावा है कि 30 दिसंबर तक सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएंगे। इस विषय में मेलाधिकारी शेषमणि पाण्डेय ने बताया कि पीडब्ल्यूडी पांटून पुल बनाने में जुट गया है ।इसके साथ ही भूमि आवंटन के लिए लेखपाल और संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों की तैनाती भी कर दी गई हैं। जैसे ही पार्टून पुल बनकर तैयार होगा सामानों का आवाजाही शुरू हो जाएगा इसके बाद मेला अपना रूप लेना शुरू कर देगी। मेलाधिकारी के अनुसार इस बार माघ मेले में 5 पांटून पुल बनाए जाएंगे हालांकि मेला क्षेत्र दलदल होने की वजह से समतलीकरण में भी समस्याएं पैदा हो रही हैं लेकिन भारी संख्या में ट्रैक्टरों को लगाकर समतलीकरण का काम जोरों से चल रहा है।
उल्लेखनीय है कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर्व से माघ मेले की पहला  स्नान होगा। इसी के साथ मेले की शुरुआत भी हो जाएगी। श्रद्धालुओं को स्नान करने के लिए घाटों की भी संख्या बढ़ाई जा रही है। ताकि कोविड-19 की तीसरी लहर को देखते हुए श्रद्धालुओं को संक्रमण से रोका जाए। माघ मेले में उन्ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा जिन्होंने दोनों टीके लिये हो या कोविड-19 का टेस्ट करा कर ही मेला में आये हो। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी मेला प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी। मेला में अस्पताल बनाए जाएंगे जहां कोविड-19 और टीकाकरण भी किया जाएगा। हनुमान मंदिर के आसपास के क्षेत्रों में पीने के पानी की लाइन बिछाने का काम भी शुरू हो गया हैं कुल मिलाकर मिला प्रशासन के सामने समय कम और काम को पूरा करने के लिए चुनौतियां ज्यादा है।
माघ मेला 2022 के आयोजन पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि संगम नगरी प्रयागराज में आयोजित होने वाले माघ मेले को लेकर केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार कोरोना वायरस से पूरी तरह सतर्कता बरत रही पिछले वर्ष में आयोजित माघ मेले के तर्ज पर ही व्यवस्था बनाई जा रही है। कोरोना के थर्डवेव को देखते हुए गाइडलाइन का पालन किया जाएगा मेला में जो भी तीर्थयात्री और साधु संत आएंगे कोरोना टेस्ट करा कर ही आएंगे पूरे माघ मेला के दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा।

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