विंदेश्वरी प्रसाद श्रीवास्तव (78) नैनी के एडीए कॉलोनी के रहने वाले थे। सांस लेने में तकलीफ पर करीब 20 दिन पहले उसने पिता को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उनकी मौत हो गई। इस दौरान अस्पताल में मौजूद मृतक की पत्नी शीला और दो बेटियां ही अस्पताल में मौजूद थीं। उन्होंने लापरवाही का आरोप लगाया तो डॉक्टरों व स्टाफ से नोकझाेंक हो गई। जिसके बाद वहां जमकर मारपीट हुई।
हंगामे की सूचना पर पुलिस पहुंची और तब जाकर किसी तरह मामला शांत हुआ। मृतक के बेटे आशुतोष का आरोप है कि उसकी मां व बहनों को जमकर पीटा गया। इसमें मां का सिर फूट गया जबकि बहनों को भी चोटें आईं। जबकि डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि मारपीट मरीज के परिजनों ने की जिसमें महिला डॉक्टर को चोटें आईं। घटना के बाद कोतवाली पुलिस मृतक की पत्नी और दोनों बेटियों को थाने ले गई। पुलिस देर रात तक मौके पर डॉक्टरों से बातचीत में जुटी रही। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगा रहे हैं। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
सात घंटे बाद तक अस्पताल में पड़ा रहा शव
