राज्यसभा में आज भी जम कर हंगामा हुआ में विपक्ष लगातार सरकार को पेगासस, किसानों का मुद्दा, महंगाई के मुद्दे पर चर्चा के लिए नोटिस दे रही हैं।
लीडर ऑफ अपोजिशन मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में डिप्टी लीडर ऑफ दी पार्टी इन राज्य सभा, आनंद शर्मा, डीएमके तृणमूल कांग्रेस,सीपीआई, सीपीएम, आरजेडी, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, और कांग्रेस एमपी ने मीडिया को कहा आज सभी पार्टियों के लोगों ने मिलकर एक बार फिर हमने पेगासस और किसानों के मुद्दे उठाए। तो चर्चा के लिए गवर्मेंट तैयार नहीं है और हम ये चाहते हैं कि चर्चा हो और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उसकी इंक्वायरी हो जाए ताकि सच्चाई बाहर निकल सके।
जब दूसरे देशों में, जब फ्रांस में इसकी जांच चल रही है, खुद इजरायल में चल रही है, हंगरी में, जर्मनी में सब जगह इसकी जांच चल रही है। मुझे समझ में नहीं आता कि यहाँ पर जो हमारी गवर्मेंट है, वो क्यों इस चीज को छुपाना चाहती है? आप ट्रांसपेरेंट बोलते हैं, आप ये कहते हैं कि इसमें कुछ भी नहीं है। अगर कुछ भी नहीं है तो छुपा क्यों रहे हैं?
जैसे दूसरे देशों में जांच हो रही है, आपको भी उसी ढंग से करनी चाहिए और हमारा जो आईटी एक्ट है, उसमें भी बगैर परमिशन से कोई करता नहीं। कोई देश वाला यहाँ आकर जासूसी करना, वो करना, तो परमिशन तो लेनी पड़ेगी। किसने परमिशन ली, किसने परमिशन दी, तो ये चीज है। इस गवर्मेंट ने खुद परमिशन दी है, ये गवर्मेंट खुद जासूसी कर रही है। वो भी बड़े-बड़े संस्थाओं की, सुरक्षाबलों की, जजेस की, पत्रकारों की, अपोजिशन लीडरों की, सबकी। तो ऐसी दुनिया में मैं समझता हूं किसी भी डेमोक्रेसी में ऐसा नहीं होता। यहाँ तो डिक्टेटरशिप है और मोदी जी किसी भी डेमोक्रेटिक इशू को या डेमोक्रेटिक तरीके से इशू को सुलझाने के लिए वो तैयार नहीं हैं। हम बातचीत करने के लिए भी तैयार हैं। हमने कोशिश भी ये की है सभी पार्टी के नेताओं को लेकर आप एक माहौल बनाएं, हम मिलकर बात करेंगे। क्योंकि वो वहाँ पर खुद ही कहते हैं कि हम बातचीत के लिए तैयार हैं और बातचीत के लिए हम सभी को मिले हैं, कोशिश कर रहे हैं। ये सत्य से दूर हैं।
हमारा कहना यही है कि सब पार्टियों को बुलाइए, मिलकर बात करेंगे और इसमें से अगर कोई सुझाव बाहर निकलता है, तो वो मिलकर करेंगे। तो मैं इतना ही कहना चाहता हूं और कल भी यही कहा था और आज तो मैं यही कह रहा हूं कि हम सभी लोग मिलकर लड़ने वाले हैं।
