पेगासस पर सदन में कांग्रेस का हंगामा,कहा जासूसी देश हित में नहीं सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच-मल्लिकाजुर्न खड़गे

पेगासस कांड के सामने आने के बाद से देश मे लगातार हंगामा जारी है, विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथ लिया हुआ है। आज भी भी सदन में पेगासस को लेकर सदन में चर्चा की मांग को लेकर मल्लिकार्जुन खरगे ने नोटिस दिया था। उसके बाद दो बार सदन एडजर्न हुई।

 

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सदन में हमने 267 नियमों के तहत नोटिस दिया था। उस नोटिस में हमने ये कहा था कि ये सदन शून्यकाल और प्रश्नकाल समेत दिनभर के अन्य सभी सूचीबद्ध कार्यों को स्थगित कर पेगासस जासूसी और निगरानी कांड, जिसमें लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों को आहत किया है, उस पर प्रधानमंत्री या गृहमंत्री की मौजूदगी में चर्चा करें। इस विषय पर तत्काल सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की घोषणा की जाए। ये नोटिस हम कल से दे रहे है।

 

हमें रुल 267 के तहत आप डिस्कशन के लिए परमिशन दें ताकि सारे विषयों पर खुलासा हो जाए और इसमें जो इशू हैं, वो बहुत ही महत्वपूर्ण है और डेमोक्रेसी को धक्का देने वाली, लोकतंत्र को खत्म करने वाले मामले को आज हम सदन के सामने रखना चाहते थे, क्योंकि आज स्नूपिंग जो वो कर रहे हैं और इजरायल के जो एक कंपनी है एनएसओ, उस एनएसओ, पेगासस के जरिए वो सबकी जासूसी कर रहे हैं। तो ये बहुत खतरनाक है, देश के लिए, डेमोक्रेसी के लिए और यहाँ तक कि हमारे नेता राहुल गांधी की भी उन्होंने जासूसी की है। और ये आज नहीं, 2019 से चुनाव के जमाने से आज तक ये कर रहे हैं। और ये माना भी था कि 121 लोगों के नाम हमारे पास हैं। ये पहले हमारे आईटी मिनिस्टर जो थे, रविशंकर प्रसाद जी, उन्होंने माना था। जब दिग्विजय सिंह जी ने कॉलिंग अटेंशन नोटिस सदन में दिया था। और उसी तरह से उन्होंने ये भी माना था कि उसकी जांच हम करवा रहे हैं, उसका नोटिस हमने दिया है और उस नोटिस का जवाब अभी नहीं आया है। ये भी उन्होंने कहा है।

 

तो आज लोकतंत्र को एक तरीके से खत्म करना, पर्सनल लिबर्टी को खत्म करना, प्राइवेसी को खत्म करना, यहाँ तक की हमारे माँ, बहनों, माता-पिता, बच्चे, घर में किसी को भी वो नहीं बख्श रहे हैं, कि सबकी बात सुनना, जासूसी करना और जो उनके पास इनफार्मेशन रखी है, क्यों, क्या ये टेररिस्ट हैं? क्या राहुल गांधी टेररिस्ट हैं? क्या दूसरे लोग, जिनका नाम उसमें शामिल हैं, जैसे कि आपका, बहुत से प्रेस को भी उन्होंने घेर लिया है। हिंदू पेपर टेररिस्ट का है, इंडियन एक्सप्रेस टेररिस्ट का है, क्या वे समाचार पत्र टेररिस्ट के हैं, क्या वे टेररिस्ट एक्टिविटी कर रहे हैं?

 

पेगासस इशू है, ये बहुत बड़ा इशू है। देश को इससे खतरा है और आप अपने देश के सुरक्षाबल प्रमुख जो हैं, इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट के कौन हैं, हर एक की जासूसी कर रहे हैं। एक की नहीं, सुरक्षाबल से लेकर, इंटेलिजेंस से लेकर, नेताओं से लेकर, पत्रकारों से लेकर, इलेक्शन कमिशनर, अशोक लवासा, उनका भी, क्या वो भी टेररिस्ट हैं, एंटी नेशनलिस्ट हैं? मुझे समझ में नहीं आता कि अगर आप बाहर की एजेंसी को लाकर उसको यहाँ पर बैठा कर सबकी जासूसी करने में लगा रहे हैं, तो देश की रक्षा कैसे होगी?

सभी पार्टी के नेता लोगों ने एक होकर आज सुबह 10 बजे मेरे रुम में तय किया कि इस मुद्दे को एक होकर उठाएंगे, लड़ते रहेंगे, लोगों की आजादी के लिए और देश के संविधान को बचाने के लिए और आर्टिकल 19 (1) (A) और 21 के तहत जो लोगों को सुरक्षित और संरक्षण मिलना चाहिए, उसके लिए भी हम काम कर रहे हैं। और आर्टिकल 21 के तहत लाइफ एंड पर्सनल लिबर्टी इसकी भी जो बात आपकी है, वो भी हम रखकर सरकार को समझाना चाहते हैं कि आप जो गलत कर रहे हैं, वो गलत है। देश के हित में नहीं हैं, लोगों के हित में नहीं हैं।

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