छोटूराम के सपनों को साकार करने का वक्त आ गया किसान, मजदूर को आर्थिक लड़ाई लंबी लड़नी होगी

गढ़ी सांपला (रोहतक): सर छोटूराम की जयंती के मौके पर संयुक्त किसान मोर्चा की महापंचायत मंगलवार को रोहतक जिले के गढ़ी सांपला में आयोजित की गई। इस महा पंचायत में सभी वक्ताओं ने एक सुर में किसानों की लड़ाई लड़ने का किसानों से आह्वान किया। साथ ही दिल्ली में किसान आंदोलन में शामिल होकर किसानों की आवाज बुलंद करने का संकल्प दोहराया। पंचायत में पहुंचे राकेश टिकैत को मंच की और से सम्मानित किया गया।
इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि आज वही मुद्दे सामने खड़े हैं  जो सर छोटूराम ने उठाए। उन्होंने नौ अधिनियम बनवा कर उनको लागू कराया। किसान और मजदूरों के हकों की उन्होंने लड़ाई लड़ी।
हम उनकी जमीन पर उन्हीं के बनाए कानूनों को फिर से सही से लागू कराने के लिए पंचायत में आए हैं। किसानों के फसलों के फैसले दिल्ली में होते हैं। केंद्र में ना कृषि मंत्रालय है ना कृषि मंत्री। वहां तय होता है कि व्यापारी कैसे फायदे में रहेगा।
भूख पर व्यापार करने वाले अब सक्रिय हो रहे हैं। जब अनाज और रोटी तिजोरी में बंद होंगी तो आदमी ही नहीं जानवर भी भूख से मरेंगे।
आपको जाति और धर्म में बांटने वाले तैयार हैं, इलाकों में बांटने वाले तैयार हैं, उनसे होशियार रहना है।
किसानों के भाग्य का फैसला अब ये धरने और पंचायत करेंगे।
हम गुजरात और बंगाल के अलावा बाकि हिस्सों में जायेंगे और सरकारी नीतियों का भंडाफोड़ करेंगे। 
40 जत्थेबंदी ही असली फैसला करेंगी। इन पर विश्वास रखना और आपस में लड़ाने वालों से सावधान रहना।
कैमरे और कलम पर पहरा है। मीडिया का सहयोग करना। तेल के दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ेगी तो आम जनता दुखी होगी। इसके लिए लंबी लड़ाई लड़नी होगी।
किसान नेता गुरुनाम चढ़ूंनी ने कहा कि किसानों की किस्मत बदलने के लिए लड़ाई लंबी लड़नी होगी। किसान दुखी है इसलिए बीजेपी नेताओं का गांव गांव बहिष्कार करना होगा। उन्होंने दिल्ली धरने पर सिस्टम बनाकर लगातार बैठना होगा।
किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि देश का किसान मजदूर आर्थिक लड़ाई लड़ रहा है। जब सारा समाज आंदोलन से जुड़ गया है तो आज के दिन ये प्राण लें कि इस लड़ाई में दिल्ली में बैठे लोगों का साथ दें।
जलियांवाला बाग से कुछ किसान वहां की मिट्टी लेकर आए और केंद्र सरकार के जुल्म के खिलाफ लड़ाई लड़ने का संकल्प दोहराया।

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