वाराणसी।। पूरे विश्व में कोरोना-19 को बुजुर्गों के लिए, बच्चों के लिए और अन्य लोगों के लिए जिन्हें हार्ट, बीपी, शुगर, और थाराइड है सबसे ज्यादा खतरनाक है। ऐसा इसलिए कहा गया है कि इनके होने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों को है ।
लेकिन इस आशंका और रिपोर्ट को वाराणसी के काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित सर सुन्दरलाल अस्पताल के कोविड वॉर्ड में भर्ती 103 वर्षीय महात्मा शिव शंकर चैतन्य भारती धता बताते हुये, कोरोना को मात दी है। जो उनके मजबूत इच्छाशक्ति और डॉक्टरों के अथक प्रयास से ही हो पाया है। शनिवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पेशे से शिव शंकर चैतन्य धार्मिक कर्मकांड और ज्योतिष से जुड़े है। माता राजराजेश्वरी मंदिर में ही रह कर अपना जीवन यापन कर रहे है। लोगों ने बताया भारती बिना नागे किये श्रीकाशी विश्वनाथ दरबार में नियमित हाजिरी लगाने जाते है।
सर सुन्दरलाल अस्पताल स्थित कोविड सेंटर के कोविड नोडल अधिकारी प्रोफेसर केके गुप्ता ने बताया कि उन्हें कोविड-19 के इंफेक्शन के बाद हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। अब वो पूरी तरह से स्वस्थ है और उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। इस मरीज की उम्र ज्यादा होने के कारण वाराणसी के जिलाधिकारी को भी सूचना दी गई थी।
