खैर इस बदले नामकरण के पीछे की राजनीति भाजपा की अंदरूनी क्या है ये तो वहीं जाने पर कहीं एक सोची समझी रणनीति के तहत प्रधानमंत्री को हाशिये पर लगाने की तैयारी तो नहीं ?
कभी गुजरात क्रिकेट संघ के अध्यक्ष रहे और आज देश के वर्तमान गृहमंत्री का की कहना है देखिये
अमित शाह ने कहा, ”हमने इसका नामकरण देश के प्रधानमंत्री के नाम पर करने का फैसला किया है। यह मोदी जी का ड्रीम प्रोजेक्ट था।”
अमित शाह के बयान के बाद विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर हमला बोल दिया है ।
गुजरात के अहमदाबाद स्थित स्टेडियम का नाम बदलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्टेडियम किए जाने पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कमल नाथ ने ऐतराज जताते हुए कहा है कि यह लौहपुरुष का अपमान है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने ट्वीट कर कहा, “जो लोग बड़े काम करते हैं, दुनिया उन्हें याद करकर उनके नाम पर खुद धरोहरों का नामकरण करती है, लेकिन जो लोग सिर्फ जुमले उछालते हैं, वह अपने जीते जी अपने नाम पर धरोहरों का नामकरण करने में लग जाते हैं? अहमदाबाद के सरदार बल्लभ भाई पटेल स्टेडियम का नाम अब ‘नरेंद्र मोदी स्टेड़ियम’ होगा? यह तो लौहपुरुष का अपमान है।”
सोशल मीडिया पर जमकर उड़ी खिल्ली-
वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर जमकर सरकार की आलोचना हो रही है स्टेडियम का नाम बदले जाने पर। लोगों का गुस्सा निकल कर अलग अलग तरीके से ट्विटर पर बाहर आया
अडानी एंड’ और ‘रिलायंस एंड’ पर छिड़ा विवाद
इसके साथ ही स्टेडियम में एक छोर का नाम ‘अडानी पवेलियन एंड’ और दूसरे छोर का नाम ‘रिलायंस एंड’ रखा गया है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर घमासान छिड़ गया। अब फैंस ये सवाल पूछने लगे हैं कि क्या स्टेडियम के बाद अब गुजरात का भी नाम बदलने जा रहा है?
32 फुटबॉल स्टेडियम के बराबर है मैदान

