पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक हिंदू लड़की का कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया, जबरन इस्लाम कबूल कराया गया और उसकी शादी करा दी गई। सुहाना के रूप में पहचानी जाने वाली किशोरी का अपहरण कर लिया गया और सिंध के शहीद बेनजीराबाद जिले के काज़ी अहमद तालुका में उसके शिक्षक अख्तर ने उसकी शादी करवा दी। हालांकि बाद में पुलिस ने उसे बचा लिया और अदालत से अनुरोध करने के बाद भी कोर्ट ने उसके माता-पिता के साथ उसे भेजने से इनकार कर दिया और उसे शेल्टर होम भेज दिया।
इस घटना के बारे में बात करते हुए, 14 वर्षीय लड़की के पिता दिलीप कुमार ने कहा कि तीन हथियारबंद लोगों – अख्तर गबोल, फैजान जाट और सारंग खासखेली – ने उनके घर में प्रवेश किया, सोने के गहने लूट लिए और बंदूक की नोक पर सुहाना का अपहरण कर लिया। बाद में सामने आये एक वीडियो में सोहना ने स्पष्ट रूप से कहा कि दबाव में आकर उसने इस्लाम कबूल कर लिया है और एक मुसलमान से शादी कर लिया है। हालांकि उसके माता-पिता ने कहा कि वह नाबालिग है।
कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पहले दावा किया है कि सुहाना ने धर्म परिवर्तन किया और अपनी मर्जी से शादी की लेकिन फिर घटना के पांच दिन बाद उसे आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया। सोहना ने कोर्ट में कहा कि उसे अपहरण कर मुसलमान बना दिया गया और अब वह अपने माता-पिता के पास लौटना चाहती है। अदालत ने उसे शेल्टर होम भेज दिया। उसकी मां जामना शर्मा ने मीडिया से बताया कि उनकी बेटी घर पर ट्यूशन पढ़ रही थी और कुछ दिन पहले शिक्षक ने उससे कहा था कि उसे 100,000 रुपये के कर्ज की जरूरत है।
जामना ने कहा, ‘‘जब मेरी बेटी ने मुझसे इसके बारे में बताया, तब मैंने शिक्षक से कहा कि उन्हें सोहना के साथ ऐसे विषयों पर चर्चा नहीं करनी चाहिए। उस समय शिक्षक चला गया। लेकिन अगले दिन वह कुछ लोगों के साथ आया और बंदूक की नोक पर उसे ले गया। मैं उससे पैसे, गहने ले लेने और मेरी बेटी को छोड़ देने की गुहार लगाती रही लेकिन उन्होंने मेरी एक न सुनी। ’’
पाकिस्तान में हिंदू लड़कियों और विवाहित महिलाओं के जबरन धर्म परिवर्तन के मामले लगातार जारी हैं। पाकिस्तान में हिंदू मुख्य रूप से सिंध प्रांत में केंद्रित हैं, जहां देश में अधिकांश हिंदू परिक्षेत्र पाए जाते हैं। पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग के अनुसार, देश की 207 मिलियन आबादी में मुसलमानों की संख्या लगभग 96 प्रतिशत है, जबकि हिंदू 2.1 प्रतिशत और ईसाई लगभग 1.6 प्रतिशत हैं।
