दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र 17 मार्च से शुरू होने जा रहा है और 21 मार्च को कैलाश गहलोत वित्त वर्ष 2023-24 का बजट पेश करेंगे। राष्ट्रीय राजधानी में 2015 में आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने के बाद ऐसा पहली बार होगा जब मनीष सिसोदिया बजट पेश नहीं करेंगे। सिसोदिया को कथित शराब नीति मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। सत्र की शुरुआत उपराज्यपाल वीके सक्सेना के अभिभाषण से होगी।
दिल्ली सरकार के नए मंत्री कैलाश गहलोत इस बार सरकार का बजट पेश करेंगे क्योंकि उन्होंने सिसोदिया और आप के एक अन्य मंत्री सत्येंद्र जैन के अपने-अपने विभागों से इस्तीफा देने के बाद बीते गुरुवार को नव-आवंटित विभागों का प्रभार संभाला है। गहलोत को हाल ही में वित्त, योजना, लोक निर्माण (पीडब्ल्यूडी), बिजली, गृह, शहरी विकास, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण, और जल विभाग आवंटित किए गए थे।
वित्त विभाग मिलने के बाद गहलोत मंत्रालय के अधिकारियों के साथ कई बैठकें कर चुके हैं। सिसोदिया की गिरफ्तारी से पहले भी गहलोत बजट से जुड़ी बैठकों का हिस्सा थे।
इससे पहले पिछले वर्ष सिसोदिया ने 26 मार्च को 2022-23 का बजट पेश किया था। ये बजट 75,800 करोड़ रुपये का था जिसमें व्यापार और व्यापार गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए एक नए इलेक्ट्रॉनिक शहर और रात की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने जैसी पहलों के माध्यम से 20 लाख नौकरियां सृजित करने की पंचवर्षीय योजना की बात कही गई थी। इस बजट को रोजगार बजट का नाम दिया गया था।
बता दें कि दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है । मंत्री को आबकारी नीति से जुड़े भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था।
