उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए राज्य का वार्षिक बजट पेश किया। खन्ना ने कहा कि साल 2021-2022 में प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 16.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है जो देश की विकास दर से अधिक है। योगी 2.0 सरकार का यह दूसरा बजट है।
सुरेश खन्ना ने अपने बजट भाषण में कहा, “राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में 16.8% की वृद्धि दर्ज की गई है जो राष्ट्रीय विकास दर से अधिक है।” उन्होंने कहा कि 2017 से पहले बेरोजगारी दर 14.4 प्रतिशत थी जो घटकर 4.2 प्रतिशत रह गई है।
बजट में प्रमुख बुनियादी ढांचे पर जोर देते हुए प्रदेश सरकार ने सड़कों, पुलों, एक्सप्रेसवे के विकास के लिए 21,159 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया और मौजूदा ढांचे के रखरखाव के लिए 6,209 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पेश किया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि झांसी लिंक-एक्सप्रेस-वे और चित्रकूट लिंक-एक्सप्रेस-वे के प्रारंभिक चरण के विकास के लिए 235 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। उन्होंने यह भी कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और डिफेंस कॉरिडोर परियोजनाओं के लिए 550 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है।
खन्ना ने कहा कि राज्य में 14 नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना और उसके संचालन के लिए 2,491 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है। आवारा पशुओं की देखभाल के लिए 750 करोड़ रुपये और गाय संरक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए 120 करोड़ रुपये का भी प्रस्ताव रखा गया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में राज्य के बजट 2023 की प्रस्तुति के बाद मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने देश के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “आज हमने ‘अमृत काल’ का पहला बजट पेश किया है। यह आत्मनिर्भर भारत की तर्ज पर राज्य को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा। यह बजट यूपी की अर्थव्यवस्था को अगले 5 साल में 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की नींव के रूप में काम करेगा”।
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पिछले छह साल में प्रति व्यक्ति आय दोगुनी हुई है जबकि जीडीपी दोगुनी से भी ज्यादा हुई है।
सीएम योगी ने कहा, “जनता पर कोई अतिरिक्त कर लगाए बिना हमने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क कर कम कर दिया। जनता को महंगाई से राहत दी। राज्य के भीतर पेट्रोल-डीजल देश के किसी भी अन्य राज्य की तुलना में सस्ता है”।
सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या को “मॉडल सोलर सिटी” के रूप में विकसित किया जाएगा। बजट में आगरा और वाराणसी में विज्ञान शहरों और तारामंडल के निर्माण के लिए फंड भी शामिल है”।
बजट की महत्वपूर्ण बातें-
– ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 में 25,000 से अधिक निवेशकों ने भाग लिया। लगभग 33.50 लाख करोड़ रुपये के 19,000 से अधिक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
– स्वास्थ्य के लिए 12 हजार 650 करोड़ की व्यवस्था।
– टैबलट और स्मार्टफोन के लिए 3600 करोड़, छात्र-छात्राओं को टैबलट और स्मार्टफोन मिलेंगे।
– यूपी में 72000 स्टार्टअप काम कर रहे हैं। कौशल विकास योजना के तहत युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है।
– मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत 1050 करोड़ रु का प्रस्ताव।
– बेसहारा महिलाओं को पेंशन और विवाह योजना के लिए 600 करोड़ दिए जाएंगे।
– प्रदेश में कानून एवं शान्ति व्यवस्था करने हेतु 03 महिला पीएसी बटालियन का गठन।
– प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत वर्ष 2022-2023 में अब तक 51,639.68 करोड़ रुपये से अधिक राशि वितरीत की गई।
– कपड़ा उद्योग के तहत 31 हज़ार युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है।
– असंगठित क्षेत्र के कर्मकारों हेतु संचालित मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के लिये 12 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
– वृद्धावस्था/किसान पेंशन योजना हेतु वित्तीय वर्ष 2023 2024 के बजट में 7248 करोड़ रूपये का बजट प्राविधान प्रस्तावित।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि, ‘ये बजट दिशाहीन दिखाई देता है। इसमें ना तो आज की समस्याओं का कोई समाधान बताया गया है और ना ही भविष्य के किसी फैसले को आगे लेकर जाने का कोई रास्ता दिखाई देता है। इस बजट ने किसानों, युवाओं और महिलाओं को निराश किया है’। तो वहीं शिवपाल यादव ने इस बजट को छलावा बताते हुए कहा, “आज का बजट नौकरशाही के नाम, आंकड़ों की बाजीगरी को सलाम।”
