कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को एक बार फिर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बुलढाना से ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की शुरुआत की। आज पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती के अवसर यात्रा के दौरान राहुल गांधी के साथ सिर्फ महिलाएं ही चल रहीं हैं।
आज पूर्व प्रधानमंत्री और अपनी दादी स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी की जयंती के अवसर पर राहुल ने अपने दिन की शुरुआत उनको पुष्पांजलि अर्पित करके की।
शुक्रवार को महाराष्ट्र के शेगांव में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। राहुल ने कहा कि ‘विपक्ष के लोगों ने सवाल पूछा था कि यात्रा का क्या फायदा? देश के कोने-कोने में आज भाजपा ने नफरत और हिंसा फैला दी है, डर फैला दिया है, इस यात्रा का लक्ष्य जनता की आवाज को सुनना है’।
जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा कि ‘जिस दिन प्रधानमंत्री मोदी दिल खोलकर किसानों की आवाज सुन लें, कोई किसान आत्महत्या नहीं करेगा। किसी भी किसान से बात करो वो आपको यही कहेगा कि सही रेट नहीं मिलता’। उन्होंने आगे कहा कि यह देश एक परिवार है, इसे नफरत से कमजोर न होने दें।
राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘भाजपा पूछती है, कहां है डर? कौन सा डर? प्रधानमंत्री जी, अपने ‘मन की बात’ करना छोड़िए, भारत के लोगों का दर्द सुनिए, डर दिख जाएगा. है हिम्मत?’
यात्रा के दौरान महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी राहुल गांधी के साथ नजर आए। कांग्रेस ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा ‘भारत जोड़ो यात्रा में तुषार गांधी शामिल हुए। वैसे भी इतिहास गवाह है संकट में घिरे देश को बचाने गांधी-नेहरू हमेशा साथ आए हैं’।
करगिल युद्ध के नायक दीपचंद भी कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल हुए। हरियाणा के हिसार के रहने वाले दीपचंद को 2019 में करगिल विजय दिवस की 20वीं वर्षगांठ पर सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने करगिल युद्ध की उपाधि से नवाजा था।
राहुल गांधी शुक्रवार को जनसभा को संबोधित करने से पहले शेगांव के प्रसिद्ध संत गजानन महाराज मंदिर गए और पूजा अर्चना की।
यात्रा 20 नवंबर को मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगी। 21 और 22 नवंबर को ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का ब्रेक रहेगा। राहुल अपनी यात्रा के मध्यप्रदेश में प्रवेश करने के बाद 22 नवंबर को गुजरात में प्रचार के लिए जाएंगे। मध्यप्रदेश में बुरहानपुर से यात्रा की शुरुआत 23 नवंबर से होगी। इस यात्रा के तहत राहुल गांधी मध्य प्रदेश में दो ज्योतिर्लिंग महादेव मंदिरों के दर्शन करेंगे। इनमें से एक खांडवा का ओंकारेश्वर और दूसरा उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर है। राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेता 25 नवंबर को ओंकारेश्वर महादेव मंदिर का दौरा करेंगे। राहुल गांधी भारत के रॉबिनहुड कहे जाने वाले टंट्या मामा के जन्मस्थान का भी दौरा करेंगे। राहुल गांधी 28 और 29 नवंबर को इंदौर में प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित कर सकते हैं। कांग्रेस 30 नवंबर से एक दिसंबर तक उज्जैन में शक्ति प्रदर्शन करने की योजना बना रही है। उज्जैन में सभा 1 दिसंबर को होगी। इसके बाद राहुल गांधी खालसा कॉलेज में नाइट स्टे करेंगे। भारत जोड़ो यात्रा मध्य प्रदेश में 15 दिन तक रहेगी। इसके बाद यात्रा का अगला पड़ाव राजस्थान होगा।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी संसद के शीतकालीन सत्र में भाग नहीं लेंगे। पार्टी प्रवक्ता जयराम रमेश ने बताया कि राहुल पार्टी की भारत जोड़ो यात्रा पर फोकस करेंगे। इस वजह से संसद सत्र में शामिल नहीं हो सकेंगे। संसद का शीतकालीन सत्र 7 दिसंबर से शुरू होगा जो 29 दिसंबर तक चलेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी की जारी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ कांग्रेस सांसद को एक गंभीर राजनेता के रूप में स्थापित करेगी और उन्हें अपनी मजबूत प्रतिद्वंद्वी बीजेपी का मुकाबला करने में बड़ी मदद करेगी। लेकिन देश के विभिन्न राज्यों से गुजर रही इस यात्रा का स्थायी प्रभाव छोड़ने के लिए इसे किसी एक खास मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए था।
बता दें कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की शुरुआत 7 सितंबर को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से हुई थी। यात्रा के वर्तमान चरण (महाराष्ट्र) से पहले राहुल तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में अपनी इस यात्रा को पूरा कर चुके हैं। यह यात्रा 12 राज्यों के 20 शहरों से गुजरते हुए 150 दिन तक चलेगी। 3,570 किलोमीटर लंबी इस यात्रा का समापन जम्मू-कश्मीर में होगा। यात्रा के फरवरी 2023 की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर पहुंचने की संभावना है। इस यात्रा का लक्ष्य कांग्रेस पार्टी के संगठन को पुनर्जीवित करना है।
