जल संकट: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकारा, पूछा- ‘टैंकर माफिया के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं?’

देश की राजधानी में हो रहे जल संकट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई और पूछा कि पानी की बर्बादी और दिल्ली में ‘टैंकर माफिया’ की व्यापकता को लेकर उसने क्या कदम उठाए हैं। शीर्ष अदालत ने दिल्ली सरकार से पानी की बर्बादी रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताने को कहा। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और प्रसन्ना बी वराले की अवकाश पीठ ने दिल्ली सरकार से कहा कि अगर आप लगाम नही लगा पा रहे है तो तो वह दिल्ली पुलिस से टैंकर माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहेगी

कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पानी की बर्बादी पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार से भी हलफनामा देने को कहा है। कोर्ट 13 जून को इस मामले में अगला सुनवाई करेगा।

मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि हिमाचल का हलफनामा देखा जाए। 9 जून और 11 जून के दो हलफनामे हैं, जो पानी मुहैया कराने को तैयार है। सिंघवी ने कहा कि हमारे साथ भेदभाव किया जा रहा है। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आखिर सचिवों की ओर से हलफनामा दाखिल क्यों नहीं किया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि टैंकर माफिया के खिलाफ ना तो कोई एफआईआर दर्ज की गई है और ना ही कोई कार्रवाई की गई है। दिल्ली सरकार के वकील सिंघवी ने कहा कि हमने कदम उठाए हैं और अगर पुलिस भी एक्शन ले तो हमें खुशी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा कि आपने पानी की बर्बादी को लेकर क्या कदम उठाए हैं। उस पर रिपोर्ट दें।

हरियाणा सरकार की ओर से कहा गया कि दिल्ली में 52.5 फीसदी पानी की बर्बादी होती है। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि हमारे पास अतरिक्त पानी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर आपने पास अतिरिक्त पानी है तो ना मुहैया कराकर आप अवमानना कर रहे हैं। जिसपर हिमाचल सरकार के वकील ने कहा कि मुझे पक्ष रखने का पूरा मौका दें। सब स्पष्ट हो जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसा है तो संबंधित अधिकारी जेल जाएगा। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार को 137 क्यूसेक पानी रिलीज करने को कहा था। कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा था कि दिल्ली में किसी भी तरह से पानी की बर्बादी न हो राज्य सरकार यह सुनिश्चित करें।

कोर्ट ने कहा था कि हरियाणा सरकार पानी के प्रवाह को जो हिमाचल से मिल रहा है उसे बिना किसी रुकावट के दिल्ली के वजीराबाद तक आने दे, ताकि दिल्ली के लोगों को पीने का पानी मिल सके।

कोर्ट ने हरियाणा सरकार से यह भी कहा था कि वह अपने क्षेत्र में पड़ने वाली नहर से पानी दिल्ली तक पहुंचने यह सुनिश्चित करें।

बता दें दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में दिल्ली सरकार ने मांग की है कि जल संकट को देखते हुए हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से एक महीने के लिए अतिरिक्त पानी देने का सुप्रीम कोर्ट से मांग की है। दिल्ली सरकार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट हरियाणा सरकार को निर्देश दें कि वह हिमाचल प्रदेश द्वारा वजीराबाद बैराज के माध्यम से दिल्ली को दिया जाने वाला अतिरिक्त पानी तुरंत छोड़े और यह व्यवस्था कम से कम एक महीने के लिए होनी चाहिए।

दिल्ली सरकार ने यह भी कहा कि हरियाणा ने दिल्ली को मिलने वाला अपना हिस्सा “कम” कर दिया है और इसके कारण, भले ही हिमाचल प्रदेश पानी छोड़ दे, शहर का जल संकट हल नहीं होगा।

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