प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह वाशिंगटन के रोनाल्ड रीगन सेंटर में अपने संबोधन के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका में भारतीय प्रवासियों की भूमिका की सराहना की और उन्हें भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी को मजबूत करने का श्रेय दिया। बड़ी संख्या में आने के लिए समुदाय को धन्यवाद देते हुए, पीएम मोदी ने कहा, एक तरह से आपने इस हॉल में भारत का पूरा नक्शा तैयार किया है। मैं यहां भारत के सभी कोनों से आए लोगों को देख सकता हूं। ऐसा लगता है कि यहां मिनी इंडिया उमड़ा है।
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे भारत ने एक अभूतपूर्व डिजिटल क्रांति देखी है। उन्होंने कहा कि माइक्रोन, गूगल और एप्लाइड मटेरियल जैसी कंपनियों ने भारत में बड़े निवेश की घोषणा की है।
अंतर्राष्ट्रीय गायिका मैरी मिलबेन ने रोनाल्ड रीगन बिल्डिंग में भारत का राष्ट्रगान प्रस्तुत किया। राष्ट्रगान गाने के बाद मिलबेन ने पीएम मोदी के पैर छुए।
प्रवासी भारतीयों के कार्यक्रम में PM मोदी ने कहा, आपने यहां हिंदुस्तान का मैप बना दिया है। ऐसा लग रहा है कि मिनी इंडिया उमड़ा है। अमेरिका में एक भारत, श्रेष्ठ भारत की इतनी सुदंर तस्वीर दिखाने के लिए आपको बधाई देता हूं और अभिनंदन करता हूं। यहां अमेरिका में जितना प्यार और स्नेह मिल रहा है, वो वाकई अद्भुत है। इसका श्रेय अमेरिका में आपकी मेहनत, आपकी व्यवहार, अमेरिका के विकास में आपके योगदान को जाता है।
मोदी ने कहा, मैं अनुभव से कहता हूं कि बाइडन एक सुलझे हुए अनुभवी नेता हैं। भारत-अमेरिका पार्टनरशिप को ऊंचाई तक ले जाने में बाइडन का प्रयास रहा है। मैं सार्वजनिक रूप से उनकी प्रशंसा करता हूं। दोनों देशों की आज नई और गौरवशाली यात्रा शुरू हुई है। दोनों देश एक बेहतर भविष्य की ओर मजबूत कदम उठा रहे हैं। जनरल इलेक्ट्रिक कंपनी ने भारत में फाइटर प्लेन के इंजन बनाने का फैसला किया है। ये भारत के डिफेंस सेक्टर के लिए मील का पत्थर साबित होगा। ये समझौता करके अमेरिका सिर्फ टेक्नोलॉजी ही शेयर नहीं करेगा, म्यूचियल शेयर करेगा। दोनों देशों के बीच पार्टनरशिप और गहरी होने वाली है। इस यात्रा के दौरान माइक्रॉन, गूगल, अप्लाईट मटैरियल जैसी दिग्गज कंपनियों ने भारत में बड़े निवेश की घोषणा की है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के दो और शहरों में भारतीय वाणिज्य दूतावास खोले जाएंगे। अहमदाबाद और बेंगलुरु में भी अमेरिका के नए वाणिज्य दूतावास खुलने जा रहे हैं। H1 बी वीजा को रिन्यू करने के लिए अमेरिका से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। अमेरिका में रहते हुए ही ये वीजा रिन्यू हो जाएगा। इसके लिए इस साल पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। इसका बहुत बड़ा फायदा आईटी प्रोफेशनल को भी होने वाला है। इसके परिणाम सामने आने के बाद यह सुविधा एल कैटेगिरी वीजा के लिए भी हो सकती है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘पूरी दुनिया की नजर आपके भारत पर है। ये 140 करोड़ भारतवासियों का आत्मविश्वास है। सैकड़ों वर्षों की गुलामी ने ये आत्मविश्वास हमसे छीन लिया था। आज जो नया भारत हमारे सामने है, उसमें वो आत्मविश्वास लौट आया है। ये वो भारत है, जिसे अपना रास्ता पता है। दिशा पता है। ये वो भारत है, जिसे अपने निर्णयों और संकल्पों पर कोई कन्फ्यूजन नहीं है। ये वो भारत है, जो अपने पोटेंशियल को परफॉर्मेंस में बदल रहा है। आज नए भारत की नई ग्रोथ स्टोरी छोटे-छोटे शहरों में लिखी जा रही है। संभव है कि आप भी किसी ऐसे ही छोटे स्थानों से आए होंगे। वहां का बदलता हुआ रूप आपको पता चलता होगा। जब आप परिजन को फोन करते होंगे तो वो आपको बदलाव के बारे में बताते होंगे। नई ट्रेन और एयरपोर्ट बन रहे हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जितना निवेश कर रहा है, उतना पहले कभी नहीं हुआ। भारत में पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल क्रांति आई है। ये बदला हुआ भारत आपको हैरान कर देगा। 24 घंटे बैंकिंग कर सकता है। संडे हो या मंडे… बैंकिंग लेनदेन में कोई फर्क नहीं होता।
पीएम ने कहा कि अमेरिका हमारा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है। इस पोटेंशियल को आगे बढ़ाने में आप सबकी बड़ी भूमिका है। आप सभी ने यहां बहुत नाम कमाया है और अमेरिका के विकास में बड़ा योगदान दिया है। भारत के स्टार्टअप्स के लिए संभावनाओं को आगे बढ़ाएं। भारत की ग्रोथ में आपकी स्किल और टेक्नोलॉजी और अनुभव बहुत काम आएगी। भारत में एक नई एजुकेशनल पॉलिसी लागू की गई है।
उन्होंने कहा, “गूगल का एआई सेंटर 100 से ज्यादा भाषाओं पर काम करेगा। इससे उन बच्चों को पढ़ने में आसानी होगी, जिनकी मातृभाषा अंग्रेजी नहीं है। सबसे पुरानी तमिल भाषा और तमिल संस्कृति का प्रभाव बढ़ाने में मदद मिलेगी। ये गर्व से कहना चाहिए कि दुनिया की सबसे पुरानी भाषा का गर्व हमारे पास है। अमेरिकी सरकार ने भारत की पुरानी मूर्तियां और चीजें जो चोरी हुई थीं, 100 से ज्यादा लौटाने का फैसला लिया है। ये पुरातन वस्तुएं वर्षों पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच गई थीं। ये वस्तुओं को लौटाने के लिए अमेरिकी सरकार का आभार जताते हैं। किसी दूसरे देश की भावनाओं का सम्मान करने से दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूती देते हैं। पिछली बार भी मुझे बहुत सी ऐतिहासिक चीजें लौटाई गई थीं। मैं दुनिया में जहां भी जाता हूं तो वहां लोगों को लगता है कि ये सही व्यक्ति है। इसे सुपुर्द करो, सही जगह लेकर जाएगा।
भारतीय समुदाय को संबोधित करने से पहले पीएम ने कैनेडी सेंटर में यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) को संबोधित किया। उनके साथ अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन भी मंच पर रहे। ब्लिंकन ने कहा, यह वास्तव में वाशिंगटन की एक ऐतिहासिक यात्रा रही है। आज अमेरिका-भारत साझेदारी पहले से कहीं ज्यादा घनिष्ठ और गतिशील हैं। ब्लिंकन ने कहा, हमारी साझेदारी समुद्र से सितारों तक पहुंच गई है। अमेरिकियों को रोजगार प्रदान करने वाली एयर इंडिया रिकॉर्ड संख्या में बोइंग विमान खरीद रही है। अमेरिका और भारत मानते हैं कि 21वीं सदी में हमारे लोगों की सदी है। उनकी क्षमता को ज्यादा से ज्यादा करने की कोशिश हमें अलग बनाती है।
पीएम मोदी ने कहा, अपनी अमेरिका विजिट के दौरान इस कार्यक्रम का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। आप सभी अमेरिका की विकास यात्रा के मजबूत पिलर हैं। मैं आपसे मिलना और बातें करना चाहता था। आप सभी अपनी मेहनत से अमेरिका को इस ऊंचाई पर लाए हैं। आप अमेरिकन ड्रीम को जीया और दिखाया है कि संकल्प लेकर सिद्धि तक कैसे पहुंचाया जा सकता है।
पीएम ने कहा, मुझे बुलाने के लिए आभार व्यक्त करता हूं। मैं 4 दिन में दिग्गजों से मिला हूं। जिस एक बात ने सबसे ज्यादा आत्मविश्वास दिया है- वो भारत-अमेरिका की पार्टनरशिप। मैं विश्वास और दावे के साथ कह रहा हूं कि ये पार्टनरशिप कन्विक्सन की। इस पार्टनरशिप की नींव आप हैं। अमेरिका और भारत के नागरिक हैं। अमेरिका में भारत के लिए जबरदस्त समर्थन देखने को मिल रहा है। ये पार्टनरशिप 21वीं सदी की दुनिया का भाग्य बदल सकती है।
मोदी ने कहा, हम चुनौती को भी चुनौती देते हैं। गरीबों को सशक्त कर रहे हैं। उनकी ईज ऑफ लिविंग बढ़ा रहे हैं। हम पहले 10वें नंबर की इकॉनोमी थे। अब 5वें नंबर की इकॉनोमी बन गए हैं। कोरोनाकाल में जिस तरह से भारत ने महामारी का मुकाबला किया है, वो उसके सामर्थ्य को बताता है। भारत आज 7 प्रतिशत की ग्रोथ लेकर आगे बढ़ रहा है। ये सब ऐसे ही नहीं हुआ है। आज भारत में रिफॉर्म का अद्भुत दौर चल रहा है।
उन्होंने कहा, भारत में 16 बिलियन से ज्यादा निवेश हुआ है। भारत में गरीबी तेजी से खत्म हो रही है। ये सब भारतीयों की महत्वाकांक्षा की वजह से संभव हुआ है। भारत में एविएशन सेक्टर में डिमांड लगातार बढ़ रही है। मोदी ने कहा, हाई ग्रोथ और लो Inflation कर भारत दिखा रहा है। हमारा एक्सपोर्ट, फोरेक्स बढ़ रहा है। FDI का रिकॉर्ड बन गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा, भारत और अमेरिका की पार्टनरशिप दोनों देशों के हित में है। इसे मजबूत करना उतना ही आवश्यक है। बाइडेन की सरकार इस दिशा में बेहतरीन काम कर रही है। बीते तीन दिन में कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। डिफेंस से एविएशन, आईटी से स्पेस तक कदम उठाए हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना के वक्त हमने वैक्सीन का प्रोडक्शन बढ़ाया और 100 से ज्यादा देशों में वैक्सीन भेजी। हमारा दिल बड़ा है, विश्व शांति के प्रति कमिटमेंट उससे भी बड़ा है। शंका और आशंका के इस दौर में भारत अपने हजारों वर्ष पुराने ध्येय के साथ दुनिया के संग खड़ा है। जो देश भारत से जुड़ेगा, उसको उतना ही फायदा होगा। 100 साल के सबसे बड़े संकटकाल में, इस पैंडेमिक में भी हमने यही देखा कि जब दुनिया को दवाइयों की जरूरत थी, भारत ने अपना प्रोडक्शन बढ़ाकर 150 से ज्यादा देशों को दवाइयां भेजीं। वो भी उस समय, जब घर से बाहर निकलने के लिए भी दुनिया डरती थी।
मोदी ने कहा, एरिजोना में बनने वाला अपाचे, हरकुलिस, पेन्सिलवेनिया के चिनूक हेलिकाप्टर भारत के साथ अमेरिका के डिफेंस सेक्टर को मजबूती दे रहे हैं। अमेरिका को भी भारत से मदद मिल रही है। भारत की आकांक्षाएं अमेरिका अर्थव्यवस्था को ताकत दे रही हैं। भारतीय कंपनियां भी अमेरिका में बिलियन डॉलर का निवेश कर रही हैं। भारत की कंपनियों का फायदा अमेरिका के युवाओं और किसानों को हो रहा है। यह साझेदारी दोनों देशों और दोनों देशों के लोगों के हित में भी है।
पीएम ने कहा, भारत इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 125 बिलियन डॉलर से ज्यादा निवेश कर रहा है। अमेरिका के लिए और आपके लिए भारत में असीम संभावनाएं हैं। बाइडेन से 3 दिन में ऐतिहासिक मसलों पर बात हुई है। दोनों देशों की साझेदारी पर बात हुई है। टेक्नोलॉजी, बिजनेस, मैन्युफेक्चर्स, इन्वेवेटर्स को सीधा संदेश है कि यही अवसर है, सही अवसर है।
मोदी ने कहा, भारत ने जिस तरह कोरोना से लड़ाई लड़ी है, वह भारत की क्षमता को दिखाता है। आज महामारी के बाद दुनिया में आप अर्थव्यवस्था, मुद्रास्फीति और सप्लाई चेन की स्थिति जानते हैं, लेकिन भारत 7% से ज्यादा की ग्रोथ से आगे बढ़ रहा है। भारत में इस समय सुधारों का दौर चल रहा है।
USISPF प्रोग्राम में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, आज भारत विश्व का सबसे युवा देश है। जो भी देश भारत के संपर्क में आएगा उसे फायदा होगा। भारत की सफलता की सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति भारतीयों की आकांक्षा है। यह अमेरिकी सपने से बहुत अलग नहीं है। आज भारत की जीडीपी में निजी उपभोग की हिस्सेदारी पिछले 15 साल में सबसे ज्यादा है। कारोबार करने में आसानी हमारी सरकार का वादा है। जब भी भारत मजबूत हुआ है, पूरी दुनिया को फायदा हुआ है।
इससे पहले पीएम ने वाशिंगटन डीसी में बोइंग के सीईओ डेविड एल. कैलहौन, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, अमेजन के सीईओ से मुलाकात की। पीएम से मुलाकात के बाद उद्योगपतियों ने बड़े निवेश के ऐलान किए।
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा, अमेरिका की ऐतिहासिक यात्रा के दौरान पीएम मोदी से मिलना सम्मान की बात है। हमने प्रधानमंत्री के साथ साझा किया कि गूगल भारत के डिजिटलीकरण कोष में 10 अरब डॉलर का निवेश कर रहा है। हम इसके उद्घाटन की घोषणा कर रहे हैं। हमारा वैश्विक फिनटेक परिचालन केंद्र गिफ्ट सिटी, गुजरात में है। डिजिटल इंडिया के लिए प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण उनके समय से कहीं आगे है। मैं अब इसे एक ब्लूप्रिंट के रूप में देखता हूं जिसे अन्य देश करना चाह रहे हैं।
अमेजन के सीईओ एंड्रयू जेसी ने कहा, अमेजन भारत में सबसे बड़े निवेशकों में से एक है। हम पहले ही 11 बिलियन डॉलर का निवेश कर चुके हैं, और 15 बिलियन डॉलर का निवेश करने का इरादा है, जिससे कुल राशि 26 बिलियन डॉलर हो जाएगी।
इस तरह प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका यात्रा समाप्त हुई और वे अमेरिका की अपनी पहली राजकीय यात्रा के समापन के बाद मिस्र के काहिरा के लिए रवाना हो गए। पीएम मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी पीएम मोदी के साथ मीटिंग करेंगे। पीएम मोदी काहिरा में हेलियोपोलिस कॉमनवेल्थ वॉर ग्रेव कब्रिस्तान जाएंगे, जहां प्रथम विश्व युद्ध के दौरान मारे गए भारतीय सेना के लगभग 4,000 सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री काहिरा में लगभग 1,000 साल पुरानी अल-हकीम मस्जिद में भी जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, “एक बहुत ही विशेष यूएसए यात्रा का समापन, जहां मुझे भारत-यूएसए मित्रता को गति देने के उद्देश्य से कई कार्यक्रमों और बातचीत में भाग लेने का मौका मिला। हमारे देश अपने आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर स्थान बनाने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।”
