प्रयागराज: शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में सॉल्वर गिरोह के भंडाफोड़ के दौरान पकड़े गए तीनों लेखपालों के खिलाफ रिपोर्ट सोमवार को संबंधित विभाग को भेज दी गई। इसके साथ ही तीनों समेत सभी 13 आरोपी जेल भेज दिए गए। पुलिस का कहना है कि फरार चल रहे तीन आरोपियों की तलाश की जा रही है। उनके पकड़े जाने के बाद और भी मददगारों के नाम सामने आ सकते हैं।टीईटी में सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस व एसओजी टीम ने एक दिन पहले 13 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें गोरखपुर में तैनात लेखपाल राहुल यादव व राधेश्याम वर्मा के अलावा मांडा में तैनात कमलेश कुमार मौर्य भी शामिल हैं।
तीनों बिहार निवासी सरगना पवन की मदद से परीक्षाओं में सॉल्वर बैठाने के एवज में अभ्यर्थियों से वसूली करते थे। पुलिस ने सोमवार को उनकी गिरफ्तारी व एफआईआर से संबंधित रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज दी। उधर पूछताछ के बाद सभी 13 आरोपियों को दोपहर बाद कोर्ट में पेश किया गया। जहां मजिस्ट्रेट की अनुमति से उन्हें जेल भेज दिया गया।पुलिस सूत्रों ने बताया कि मामले में वांछित चल रहे तीन आरोपियों की तलाश में टीमें लगा दी गई हैं। एसओजी यमुनापार की टीम मांडा में जयदीप मौर्या की तलाश में सुरागकशी में जुटी है। उधर दो अन्य वांछितों साइबर कैफे संचालक मुन्ना व अवधेश की तलाश में जल्द ही दो टीमें बिहार व गाजीपुर भेजे जाने की तैयारी है। सॉल्वरों के लिए जाली एडमिट व आधार कार्ड मुन्ना ही अपने साइबर कैफे में तैयार कराता था। उधर अवधेश व जयदीप सरगना के मददगार हैं।
