श्रद्धा हत्याकांड में आरोपी आफताब का गुरुवार को रोहिणी के अंबेडकर अस्पताल में नार्को टेस्ट कराया गया। अंबेडकर अस्पताल में प्राथमिक स्वास्थ्य जांच के बाद फोरेंसिक के मनोवैज्ञानिकों की टीम ने उससे करीब 35 सवाल पूछे।
सूत्रों से खबर है कि आफताब ने नार्को टेस्ट के दौरान अपना गुनाह कबूल कर लिया है। नार्को टेस्ट में आफताब ने ये भी बताया है कि उसने श्रद्धा के मोबाइल और कपड़े कहां फेंके है और शव के टुकड़े करने में कौन से हथियारों का इस्तेमाल किया और कहां उन हथियारों को फेंका। FSL के सहायक निदेशक संजीव गुप्ता ने बताया कि, ‘आज FSL की टीम और अंबेडकर अस्पताल की टीम ने मिलकर नार्को टेस्ट कर लिया है। टेस्ट 2 घंटे से ज्यादा देर तक चला। अगर आवश्यकता पड़ी तो पोस्ट नार्को टेस्ट किया जा सकता है। आज टेस्ट के सभी पैरामीटर पूरे किए गए हैं’।
सूत्रों के मुताबिक, नार्को टेस्ट के दौरान आफताब बार-बार अचेत हो रहा था। नार्को टेस्ट के दौरान आफताब से जब पूछा गया कि श्रद्धा का फोन कहां है तो उसने कहा कि श्रद्धा का फोन उसने फेंक दिया था। नार्को टेस्ट के दौरान आफ़ताब ने श्रद्धा के शव के टुकड़े करने के लिए आरी के इस्तेमाल की बात को कुबूल किया है।
अब दिल्ली पुलिस एक बार फिर आफताब द्वारा बताई गयी जगहों पर सबूतों की तलाश करेगी। दिल्ली पुलिस ने बताया है कि नार्को टेस्ट की फाइनल रिपोर्ट आधिकारिक तौर पर दो दिन बाद ही मिल सकेगी।
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) सागर प्रीत हुड्डा ने कहा कि, ‘आरोपी आफताब का नार्को टेस्ट सफल हुआ है। टेस्ट की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे तिहाड़ जेल वापस भेज दिया गया है। करीब दो घंटे चले टेस्ट में काफी सारे सवालों के जवाब मिले हैं. हालांकि इसकी आधिकारिक रिपोर्ट जल्दी ही फोरेंसिक टीम द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी. इसके बाद मामले की जांच आगे बढ़ेगी।’
मालूम हो कि नार्को टेस्ट रिपोर्ट की कोर्ट में अहमियत नहीं होती है। भले ही आफताब ने नार्को टेस्ट में कई खुलासा कर दिया हो, लेकिन इन्हें कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश नहीं किया जा सकता है। एक बात की संभावना यह है कि आफताब के इन बयानों के बाद पुलिस को और सबूत खोजने में मदद मिल जाएगी।
आज हुए नार्को टेस्ट के दौरान क्या क्या हुआ?
– सुबह 8 बजकर 40 मिनट के करीब आफताब को रोहिणी के अंबेडकर अस्पताल लाया गया।
– नार्को टेस्ट के पहले आफताब का ब्लड प्रेशर, प्लस रेट, हार्ट बीट और बॉडी टेम्परेचर चेक किया गया।
– नार्को टेस्ट करने वाली टीम ने आफताब को Consent Form पढ़ने लिए कहा।
– आफताब ने Consent Form पर साइन किया।
– फार्म साइन करने के बाद नार्को टेस्ट शुरू किया गया।
– कैमरे से नार्को टेस्ट की रिकॉर्डिंग शुरू की।
– आफताब को एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाया गया।
– नार्को टेस्ट के दौरान OT में एक सीनियर एनेस्थीसिया एक्सपर्ट, FSL के एक साइक्लोजिकल एक्सपर्ट की टीम मौजूद थी।
– एक्सपर्ट की टीम द्वारा ही आफताब से सवाल पूछे गए, एक OT अटेंडेंट और FSL के 2 फोटो एक्सपर्ट्स ने सारी रिकॉर्डिंग की।
– आफताब ने सवालों के जवाब इंग्लिश में दिए और कई सवालों के जवाब में चुप रहा. टीम के सवाल दोहराने पर उसने सवालों के जवाब दिए।
– 2 घंटे 50 मिनट तक आफताब का नार्को टेस्ट चला।
– टेस्ट के बाद आफताब को डॉक्टर्स के ऑब्जर्वेशन में रखा गया और साइकोलॉजिकल थेरेपी से नार्मल किया गया।
बता दें कि आफताब ने श्रद्धा की इसी साल 18 मई को हत्या कर दी थी और उसके बाद शव के 35 टुकड़े करके उन टुकड़ों को महरौली में अपने घर में 300 लीटर के फ्रिज में रखा था। बाद में उसने इन टुकड़ों को करीब 20 दिनों तक शहर के अलग-अलग हिस्सों में फेंका था।
