RSS ने बढ़ती जनसंख्या और आबादी के असंतुलन पर चिंता जताई- जनसंख्या नियंत्रण के लिए नीति बनाने की है जरूरत- होसबाले

केंद्र में बीजेपी की सरकार बनते ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जनसंख्या नियंत्रण के लिए नीति बनाने की अपनी मांग को लेकर बहुत मुखर हो गया है। इसी महीने 5 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर नागपुर से आरएसएस की दशहरा रैली को सम्बोधित करते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि जनसंख्या पर एक समग्र नीति लाने की जरूरत है. ये नीति ऐसी होनी चाहिए जो सब पर समान रूप से लागू हो और किसी को कोई छूट नहीं मिले। भागवत ने जनसंख्या नीति की देश में जरूरत को लेकर चीन का उदाहरण दिया और कहा कि चीन को जब लगा कि जनसंख्या बोझ बन रही है तो उसने रोक लगा दी। हमारे समाज को भी जागरूक होना पड़ेगा।

संघ प्रमुख मोहन भागवत के बाद अब संघ में नंबर दो सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने बढ़ती जनसंख्या को चिंताजनक बताया है और देश में जनसंख्या नियंत्रण के लिए नीति बनाने की मांग की है। प्रयागराज में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की चार दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक के आखिरी दिन को सम्बोधित करते हुए दत्तात्रेय होसबाले ने ये बातें कही। होसबाले ने कहा कि सरकार को जनसंख्या पर नियंत्रण के लिए नीति बनानी चाहिए। उन्होंने चेताया कि अगर जनसंख्या इसी रूप में बढ़ती रही तो भारत की हालत भी चीन और जापान जैसी हो सकती है। उन्होंने कहा कि देश में हिंदुओं की आबादी लगातार घट रही है और धर्मांतरण इसका प्रमुख कारण है। उन्होंने देश में धर्मपरिवर्तन के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता जाहिर की। होसबोले ने अपने सम्बोधन में उन देशों का भी जिक्र किया जहां एक खास वर्ग की आबादी बढ़ने की वजह से बंटवारे तक के हालात बन गए।

होसबोले ने अवैध घुसपैठ को भी जनसंख्या असंतुलन का कारण बताया. उन्होंने बताया कि ‘बांग्लादेश के रास्ते बिहार के पूर्णिया, कटिहार जैसे जिलों और अन्य राज्यों में भी जनसंख्या असंतुलन देखने को मिला है.’

होसबाले ने ये भी कहा कि पिछले 40-50 सालों में जनसंख्या नियंत्रण पर जोर देने के कारण प्रत्येक परिवार की औसत जनसंख्या 3.4 से कम होकर 1.9 हो गई जिसके चलते भारत में एक समय ऐसा आएगा, जब युवाओं की जनसंख्या कम हो जाएगी और बुजुर्गों की आबादी अधिक होगी, जो चिंताजनक है।

जनसंख्या असंतुलन की वजह से कब किन देशों को झेलना पड़ा विभाजन:-

1947: भारत का विभाजन
1999: इंडोनेशिया में ईसाई आबादी में जबरदस्त वृद्धि के बाद ईस्ट तिमोर नया देश बना।
2008: धर्म के आधार पर सर्बिया टूटा और 90% मुस्लिम आबादी के साथ कोसोवो नया देश बना।
2011: धर्म के आधार पर साउथ सूडान नया देश बना

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