रामनवमी जुलूस हिंसा: महाराष्ट्र, गुजरात, बंगाल टू उत्तर प्रदेश…, वाहनों में लगाई गई आग, पथराव किया गया

गुरुवार को विभिन्न राज्यों में रामनवमी के जश्नदौरान के दौरान हिंसा की घटनाएं हुईं। महाराष्ट्र के औरंगाबाद में एक इलाके में दो समूहों के बीच झड़प के एक दिन बाद भीड़ ने पुलिस कर्मियों पर कथित तौर पर हमला किया। इस बीच, गुजरात के वडोदरा शहर में रामनवमी के जुलूस पर पत्थर फेंके गए। तो वहीं पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में रामनवमी के जुलूस पर पथराव किया गया और कई वाहनों में आग लगा दी गई।

विभिन्न राज्यों में हिंसा की घटनाओं ने रामनवमी समारोह को इस तरह प्रभावित किया:

पश्चिम बंगाल-

रामनवमी पर पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में भड़की हिंसा में कई वाहनों को आग लगा दी गई और दुकानों में तोड़फोड़ की गई। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि घटना तब हुई जब जुलूस काजीपारा इलाके से गुजर रहा था। इससे पहले दिन में हावड़ा के संकरैल इलाके में रामनवमी की रैली में स्वामी विवेकानंद सेवा संघ के युवकों को तलवारें और हॉकी स्टिक लिए हुए देखा गया।

गुरुवार को पश्चिम बंगाल के डालखोला शहर में भी हिंसा देखने को मिली। रामनवमी के जश्न के दौरान दो समुदायों के बीच हुई झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई और पुलिस कर्मियों सहित कई अन्य घायल हो गए।

इस बीच बीजेपी नेता अमित मालवीय ने हावड़ा हिंसा के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया।

पश्चिम बंगाल में हुए हिंसक घटनाओं पर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भी बयान आया। उन्होंने हिंसा के लिए जुलूस निकाल रहे हिंदू पक्ष को ही जिम्मेदार बताया। वह बोलीं कि पहले ही चेताया गया था कि मुस्लिम बहुल इलाके में जुलूस ना निकाला जाए। ममता ने यह भी आरोप लगाया कि जुलूस का रूट बदला गया था। ममता ने कहा कि बीजेपी मुस्लिम इलाकों को टारगेट कर रही है जिसमें हावड़ा और इस्लामपुर भी शामिल हैं।

हिंसा भड़काने के आरोप में अब तक 36 लोग अरेस्ट कर लिए गए हैं।

गुजरात-

गुजरात के वडोदरा जिले के फतेहपुर इलाके में गुरुवार को रामनवमी के मौके पर निकाली गई शोभा यात्रा पर पथराव किया गया। इस घटना के एक वीडियो में कुछ उपद्रवी रामनवमी के जुलूस पर छतों से पथराव करते दिख रहे हैं। पुलिस स्थिति को काबू में करने की कोशिश करती नजर आ रही है। पुलिस उपायुक्त यशपाल जगनिया ने कहा कि इस घटना में कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ और जुलूस पुलिस सुरक्षा के तहत अपने निर्धारित मार्ग से गुजरा। घटना के बाद पुलिस ने 14 लोगों को हिरासत में लिया है।

वडोदरा हिंसा पर राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने कहा है कि पत्थरबाजी करने वालों की पहचान सीसीटीवी के जरिए की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राम नवमी की यात्रा में जिन लोगों ने भी पत्थर मारे हैं वो कभी भी पत्थर की तरफ देखेंगे भी नहीं ऐसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

शोभायात्रा के बाद रात भर पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाकर उपद्रवियों को हिरासत में लिया। करीब 350 सीसीटीवी कैमरे के आधार पर पुलिस ने अब तक 22 लोगों को हिरासत में लिया है। फतेहपुरा इलाके में रातभर पुलिस का सर्च ऑपरेशन चलता रहा।

महाराष्ट्र-

महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के छत्रपति संभाजीनगर के किराडपुरा इलाके में बुधवार रात एक राम मंदिर के बाहर दो लोगों के बीच झगड़ा हो गया। पुलिस ने कहा कि मामला तब बढ़ गया जब और लोग मौके पर पहुंच गए और एक-दूसरे पर पथराव करना शुरू कर दिया। पुलिस ने कहा कि भीड़ ने मंदिर के बाहर कई सार्वजनिक और पुलिस वाहनों को भी आग लगा दी।

दो गुटों के बीच झड़प के बाद करीब 500 लोगों की भीड़ ने पथराव किया और पेट्रोल से भरी बोतल फेंकी क्योंकि पुलिस कर्मियों ने स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश की। झड़पों में 10 पुलिस कर्मियों सहित कम से कम 12 लोग घायल हो गए।

औरंगाबाद के पुलिस आयुक्त निखिल गुप्ता ने बताया- “झगड़ा दो समूहों के बाद शुरू हुआ, जिनमें से प्रत्येक में लगभग पांच व्यक्ति शामिल थे। राम मंदिर के पास ये एक दुसरे से भिड़ गए। कुछ समय बाद, एक समूह वहां से चला गया और पुलिस जल्द ही साइट पर आ गई। एक घंटे के बाद, वहां भीड़ जमा हो गई, जो पत्थर और पेट्रोल ला रही थी और साथ में भरी हुई बोतलें, जो उन्होंने पुलिस कर्मियों पर फेंकी।”

महाराष्ट्र के जलगांव जिले में भी गुरुवार को हिंसा हुई। मस्जिद के बाहर नमाज पढ़ने के दौरान संगीत बजाने को लेकर दो गुटों में झड़प हो गई। जलगाँव एसपी एम राजकुमार ने कहा कि, “दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। हमने अब तक 45 लोगों को गिरफ्तार किया है। हिंसा में चार लोग घायल हुए हैं। वर्तमान स्थिति शांतिपूर्ण है और क्षेत्र में नियंत्रण में है”।

उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने राजनीतिक दलों को हिंसक झड़पों को “राजनीतिक रंग” ना देने से आगाह किया। देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “छत्रपति संभाजीनगर में हुई घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और इलाके में शांति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, कुछ लोग भड़काऊ बयान देकर वहां माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि, “”मुझे लगता है कि राजनीतिक नेताओं को पता होना चाहिए कि ऐसी स्थितियों में कैसे व्यवहार करना है। इसलिए, अगर कोई इस तरह के गलत बयान दे रहा है, तो उन्हें इससे बचना चाहिए। सभी को शांति बनाए रखनी चाहिए। अगर कोई इस घटना को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है।”

संभाजीनगर में मचे बवाल को लेकर पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने अब तक 500 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। अन्य आरोपियों की धरपकड़ चल रही है।

उत्तर प्रदेश-

रामनवमी पर हिंसा की खबर लखनऊ से भी आई, जहां अंबेडकर विश्वविद्यालय कैंपस में रामनवमी पर झांकी निकालने को लेकर दो गुट आपस में भिड़ गए। छात्रों का एक गुट झांकी निकालने का विरोध कर रहा था। इसी बात पर दोनों गुटों में विवाद हुआ, जिसके बाद कुलपति आवास के बाहर छात्र आपस में भिड़ गए। झांकी का समर्थन करने वाले छात्रों ने जय श्री राम के नारे भी लगाए। छात्रों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। यूनिवर्सिटी इस मामले को अपने स्तर पर सुलझा रही है।

बता दें कि चैत्र नवरात्रि का समापन रामनवमी के साथ होता है। माना जाता है कि भगवान राम का धरती पर जन्म इसी दिन हुआ था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *