कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को पंजाब के होशियारपुर में अपने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वह सर कटा लेंगे लेकिन आरएसएस के दफ्तर नहीं जाएंगे।
दरअसल, राहुल गांधी से उनके चचेरे भाई वरुण गांधी को लेकर एक सवाल पूछा गया था जिसके जवाब में उन्होंने ये बयान दिया। राहुल गांधी ने कहा, ‘मेरी विचारधारा वरुण की विचारधारा से नहीं मिलती। उन्होंने आरएसएस की विचारधारा को अपनाया है। आप मेरा गला काट सकते हैं, लेकिन मैं नहीं जाऊंगा। मेरे परिवार की एक विचारधारा है, उसकी अपनी एक विचार प्रणाली है’।
वरुण गांधी के कांग्रेस में आने या ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल होने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि, “वरुण गांधी बीजेपी में हैं। मैं वरुण से गले लग सकता हूं लेकिन उस विचारधारा को स्वीकार नहीं कर सकता।”
राहुल गांधी ने आरएसएस और भाजपा पर देश की सभी संस्थाओं पर कब्जा करने और निर्वाचन आयोग एवं न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज आरएसएस और भाजपा द्वारा सभी संस्थाओं को नियंत्रित किया जा रहा है। सभी संस्थाओं पर दबाव हैं। प्रेस दबाव में है, नौकरशाही दबाव में है, निर्वाचन आयोग दबाव में है, वे न्यायपालिक पर भी दबाव डालते हैं।
राहुल गांधी ने कहा, “आज लड़ाई एक राजनीतिक दल की दूसरे राजनीतिक दल से नहीं है। अब यह लड़ाई देश की संस्थाओं और विपक्ष के बीच है।” उन्होंने कहा कि देश में अब सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रियांए गायब हैं। राहुल ने कहा, “मैंने देखा है कि लोग बीजेपी की नफरत की विचारधारा को स्वीकार नहीं करते, बीजेपी ने देश के आगे नफरत भरी सोच को रखा है।”
राहुल गांधी ने अपने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि, ‘मेरा अनुभव किसी अन्य व्यक्ति से बेहतर है। कोई भी व्यक्ति जो बीजेपी में जाता है वह किसी अदृश्य दबाव में जाता है। ये दबाव है ईडी, सीबीआई और भ्रष्टाचार का’। उन्होंने कहा कि, ‘कांग्रेस के पास बहुत अच्छा नेतृत्व है। सड़कों पर जबरदस्त उत्साह नजर आ रहा है। हमें खुशी है कि कुछ लोग कहीं और चले गए’।
