नूंह में पुलिस ने यात्रा की नहीं दी परमिशन, VHP के 40 लोगों ने किया जलाभिषेक; सुरक्षा निगरानी के लिए ड्रोन किए गए तैनात

हरियाणा के नूंह फिर से तनाव बढ़ गया है। प्रशासन ने सोमवार को वीएचपी के 40 लोगों को नलहड़ महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने की अनुमति दी। हालांकि हिंदू संगठन बृजमंडल शोभायात्रा निकालने पर अड़े रहे लेकिन प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। इतना ही नहीं बाहरियों के भी नूंह आने पर रोक लगा दी गई है। जिले में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। राज्य और जिले की सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। नूंह में प्रशासन ने एहतियातन स्कूल, कॉलेज और बैंकों को बंद रखने का आदेश दिया है। इंटरनेट और बल्क एसएमएस सेवाओं को भी निलंबित कर दिया गया है। नूंह में धारा 144 लागू कर दी गई है। नूंह के नलहड़ शिव मंदिर के 1.5 किलोमीटर क्षेत्र तक भारी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया। इसी मंदिर पर शोभायात्रा के दौरान 31 जुलाई को हिंसा फैली थी। सोमवार को यहां सिर्फ स्थानीय लोगों को ID देखकर एंट्री दी गई।

अयोध्या से आए संत जगद्गुरु परमहंस आचार्य महाराज को प्रशासन ने सोहना टोल प्लाजा पर ही रोक लिया। परमहंस आचार्य नूंह में शोभायात्रा में हिस्सा लेने के लिए जा रहे थे।

इससे पहले हरियाणा ADG लॉ ममता सिंह ने कहा, सिर्फ ग्रुप मूवमेंट पर रोक है। लोगों को जलाभिषेक पर कोई रोक नहीं है। स्थानीय लोग जलाभिषेक के लिए आ रहे हैं। आज सावन का आखिरी सोमवार है। लोगों की भावनाओं का ख्याल रखते हुए स्थानीय लोगों को पूजा की अनुमति दी गई है। हालांकि, कर्फ्यू भी लगा है। इंटरनेट बंद किया गया है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर कहा, हरियाणा की भाजपा सरकार के आदेश के खिलाफ जाकर VHP शोभा यात्रा निकालने की धमकी दे रही है। नूंह की हिंसा से पहले सरकार को पता था कि यात्रा की आड़ में मुसलमानों को निशाना बनाया जाएगा। अगर मुसलमानों के खिलाफ एकतरफा कानूनी कार्रवाई नहीं होती और असली मुजरिम को मोनू डार्लिंग न बनाया होता तो कट्टरपंथी ‘परिषद’ और सेना की इतनी हिम्मत नहीं होती। लग रहा है कि ये भाजपा के प्यादे नहीं है बल्कि भाजपा इन संगठित अपराधियों के आगे बेबस है। उन्होंने कहा, अगर नूंह में फिर से हिंसा हुई तो इसका जिम्मेदार सिर्फ हरियाणा की भाजपा सरकार होगी। अब तो घर तोड़ने के लिए भी मुसलमान के घर नहीं बचे।

सरकार ने 26 से 28 अगस्त तक मोबाइल इंटरनेट पर रोक लगाई है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) ममता सिंह ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए उचित इंतजाम किए गए हैं।

नूंह में एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया, हरियाणा पुलिस के 1,900 जवान और अर्धसैनिक बलों की 24 कंपनियां तैनात की गई हैं। किसी भी बाहरी व्यक्ति को नूंह में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रवक्ता ने कहा, जिले के सभी प्रवेश बिंदुओं को सील कर दिया गया है और मल्हार मंदिर की ओर जाने वाली सड़क भी बंद कर दी गई है। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि पुलिस पूरी तरह से अलर्ट पर है।

13 अगस्त को सर्वजातीय हिंदू महापंचायत बुलाई गई थी। इसमें नूंह में 28 अगस्त को बृजमंडल शोभायात्रा निकालने का फैसला किया गया था। विश्व हिंदू परिषद ने कहा था कि जुलूस निकाला जाएगा। वीएचपी के मुताबिक, ऐसे धार्मिक आयोजनों के लिए अनुमति लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। हालांकि, अधिकारियों ने यात्रा की इजाजत देने से इनकार कर दिया।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार को भक्तों से सोमवार को कोई ‘यात्रा’ आयोजित करने के बजाय अपने पड़ोस के मंदिरों में पूजा करने को कहा। उन्होंने कहा, ‘यात्रा’ के लिए अनुमति नहीं दी गई है। 28 अगस्त को सावन का आखिरी सोमवार भी है। कुछ स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर अनुमति दी जाती है तो उन्हें धार्मिक जुलूस आयोजित करने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान कोई उत्तेजक नारेबाजी नहीं होनी चाहिए।

बता दें कि हरियाणा के मेवात-नूंह में 31 जुलाई को बृजमंडल यात्रा निकाली गई थी। इसी दौरान यात्रा पर पथराव हो गया था। देखते ही देखते यह दो समुदायों में हिंसा में बदल गई। सैकड़ों कारों को आग लगा दी गई थी। साइबर थाने पर भी हमला किया गया। उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया था। नूंह के बाद सोहना में भी पथराव और फायरिंग हुई। वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। इसके बाद हिंसा की आग नूंह से फरीदाबाद-गुरुग्राम तक फैल गई। नूंह हिंसा में दो होमगार्ड समेत 6 लोगों की मौत हो गई थी।

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