पेरिस: बैस्टिल डे परेड में शामिल हुए पीएम मोदी, IAF के राफेल जेट ने किया फ्लाईपास्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को पेरिस में फ्रांसीसी राष्ट्रीय दिवस समारोह में सम्मानित अतिथि के रूप में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के साथ शामिल हुए। फ्रांसीसी राष्ट्रीय दिवस, या बैस्टिल दिवस, फ्रांसीसी चेतना में एक विशेष स्थान रखता है क्योंकि यह 1789 में फ्रांसीसी क्रांति के दौरान बैस्टिल जेल पर हमले की याद दिलाता है। बैस्टिल दिवस परेड समारोह का मुख्य आकर्षण है। परेड में 269 सदस्यीय भारतीय त्रि-सेवा दल ने भी भाग लिया। इस अवसर पर फ्रांसीसी जेट विमानों के साथ भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के तीन राफेल लड़ाकू विमान भी फ्लाईपास्ट में शामिल हुए।

भारतीय सेना की पंजाब रेजिमेंट पेरिस में बैस्टिल डे परेड में मार्च में शामिल हुई। कैप्टन अमन जगताप ने कहा, “यह मेरे और पलटन के लिए बहुत बड़ा और गर्व का क्षण है क्योंकि हम 107 साल बाद फिर उसी जगह परेड करेंगे जहां मेरी पलटन के पूर्वजों ने परेड किया था। पहले विश्व युद्ध में 900 सैनिकों से अधिक ने फ्रांस की फौज के साथ बलिदान दिया था।”

भारतीय वायु सेना के राफेल ने भी पेरिस में बैस्टिल डे परेड में फ्लाईपास्ट में भाग लिया।

भारतीय नौसेना में वायु संचालन अधिकारी दिशा ने बताया, “मुझे बहुत खुशी हो रही है और हम बहुत जोश में है। हम अपना अच्छा प्रदर्शन देंगे। हमें गर्व हो रहा है कि हम भारत का अंतरराष्ट्रीय देश में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र के पास से मार्च करते हुए निकलेंगे।”

हिंदी में लिखे एक ट्वीट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने भारत को “विश्व इतिहास में एक विशाल, रणनीतिक साझेदार, मित्र” कहा। बैस्टिल दिवस पर जश्न के बीच मैक्रॉन ने लिखा, “इस साल की 14 जुलाई की परेड के लिए सम्मानित अतिथि के रूप में भारत का स्वागत करते हुए हमें बहुत खुशी हो रही है।”

इसके जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ”1.4 अरब भारतीय एक मजबूत और भरोसेमंद साझेदार होने के लिए फ्रांस के हमेशा आभारी रहेंगे।”

इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने पेरिस में पीएम नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए हिंदी में ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, “भारत और फ्रांस 25 साल की रणनीतिक साझेदारी तथा विश्वास और दोस्ती के सदैव मजबूत बंधन का जश्न मना रहे हैं।”

मालूम हो कि भारत और फ्रांस के बीच का संबंध पिछले ढाई दशक में तेजी से मजबूत हुआ है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे हो चुके हैं। 1998 में फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति जैक्स शिराक भारत के दौरे पर आए थे। उस वक्त दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदलने का फैसला किया था। दोनों देशों के बीच सहयोग का एक प्रमुख आयाम रक्षा क्षेत्र है। फ्रांस के बैस्टिल डे परेड में भारतीय सेना के टुकड़ी के शामिल होने से भी ये जाहिर होता है। पहले जिस तरह से सोवियत संघ हर समय भारत की मदद के लिए कदम बढ़ाता था, पिछले कुछ वर्षों से भारत को लेकर फ्रांस का रवैया भी कुछ वैसा ही रहा है। भारत और फ्रांस की विदेश नीति लगभग एक सी है। दोनों ही देश एक स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करते हैं। दोनों ही देश स्वतंत्र रणनीतिक स्वायत्ता में यकीन करते हैं।

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