पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने सोमवार को हरियाणा के हिंसा प्रभावित नूंह जिले के मेवात में विध्वंस अभियान पर रोक लगा दी। हाई कोर्ट ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया और यह आदेश जारी किया। नूंह में अवैध निर्माणों पर प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। नूंह जिले में अधिकारियों ने रविवार को लगातार चौथे दिन अवैध निर्माण के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए एक तीन मंजिला होटल पर बुलडोजर चला दिया था। शहीद हसन खान मेवाती सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के बाहर की कई दुकानें भी ध्वस्त कर दी गईं थी।
हालांकि, रेस्तरां मालिक ने स्पष्ट किया कि प्रशासन द्वारा दिखाया गया वीडियो, जिसके बारे में उनका दावा है कि वह उसका है, वास्तव में सोहना के एक स्थान का है।
अधिकारियों ने बताया कि 31 जुलाई को नूंह में हिंसा तब शुरू हुई जब कुछ लोगों ने एक धार्मिक जुलूस पर सहारा होटल की छत से पथराव किया। पुलिस हिंसा में शामिल आरोपियों की तलाश में जुटी है। लगातार अलग अलग जगहों पर छापेमारी की जा रही है। अब तक 56 FIR दर्ज की गई हैं। 147 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से 8 लोगों को पड़ोसी राजस्थान के भरतपुर-अलवर से गिरफ्तार किया गया है।
शनिवार को नूंह में करीब दो दर्जन मेडिकल स्टोर और अन्य दुकानें जमींदोज कर दी गईं थी। भारी पुलिस तैनाती के बीच नूंह के नल्हड़ स्थित शहीद हसन खान मेवाती सरकारी मेडिकल कॉलेज पर बुलडोजर चलाया गया था।
इससे पहले शुक्रवार को नलहर में कई घरों को तोड़ दिया गया, जो उस मार्ग पर थे, जिस पर इस सप्ताह के शुरू में विहिप जुलूस पर हमला किया गया था। वहीं, गुरुवार को हरियाणा सरकार ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने के आरोप में हिंसा प्रभावित नूंह से 20 किमी दूर स्थित टौरू में रहने वाले प्रवासियों की झोपड़ियों को तोड़ दिया गया था।
मालूम हो कि नूंह जिले के नंद गांव के पास विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा निकाली जा रही रैली पर लोगों के एक समूह ने पथराव कर दिया था।गोरक्षकों और भिवानी मौत मामले के आरोपी मोनू के मानेसर के मेवात दौरे की खबरों को लेकर हुई झड़प में वाहनों को आग लगा दी गई और पथराव किया गया था। इस साल फरवरी में नासिर और जुनैद की मौत पर दर्ज एफआईआर में मोनू मानेसर का नाम था। उनके जले हुए अवशेष हरियाणा के भिवानी जिले में एक बोलेरो में पाए गए थे।
