Nepal Plane Crash: काठमांडू से पोखरा जा रहा था विमान, अबतक बाहर निकाले गए 68 शव, मरने वालों में 5 भारतीय भी शामिल

नेपाल के पोखरा में रविवार को यति एयरलाइंस का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। 68 पैसेंजर और चार क्रू मेंबर को ले जा रहा यति एयरलाइंस का ये विमान पोखरा एयरपोर्ट के पास लैंडिंग से पहले क्रैश हो गया। इस हादसे के बाद से खबर लिखे जाने तक 68 शवों को बरामद कर लिया गया है। 3 शवों का अभी भी कोई पता नहीं चल पाया है। अब तक निकाले गए शवों में सिर्फ 26 की पहचान हो पाई है। इस हादसे में विमान में सवार सभी 72 लोगों की जान चली गई है। यह विमान नेपाल की राजधानी काठमांडू से पोखरा की ओर जा रहा था।

सोशल मीडिया पर विमान क्रैश से थोड़े समय पहले का वीडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि आकाश साफ था और मौसम भी खराब नहीं था।

नेपाल में हुए विमान हादसे में 5 भारतीय शामिल थे। ये पांचों उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के थे। सभी 13 जनवरी को नेपाल घूमने के लिए गए थे। अनिल राजभर, विशाल शर्मा, अभिषेक कुशवाहा, सोनू जायसवाल और संजय जायसवाल नेपाल गए थे। हादसे से पहले इन लोगों ने फेसबुक लाइव भी किया था।
भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया, काठमांडू से आ रहा येती एअरलाइंस का एक एटीआर-72 विमान पोखरा हवाई अड्डे के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गया। नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना के अनुसार इस विमान में पांच भारतीय नागरिक भी सवार थे।’ इसने बताया कि दूतावास स्थानीय प्राधिकारियों के संपर्क में है और स्थिति पर नजर रख रहा है।

सोमवार को शवों का पोस्टमार्टम शुरू किया जाएगा और फिर परिजनों को सौंप दिया जाएगा। भारतीय सहित विदेशी नागरिकों के शवों को पहले राजधानी काठमांडू लाया जाएगा। जबकि जिन शवों की पहचान नहीं हुई है, उनको भी काठमांडू लाकर डीएनए परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। भारतीय शवों को लेने के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारी पोखरा पहुंच गए हैं। पहचान होते ही भारतीय नागरिक के शवों को यूपी के गाजीपुर भेजे जाने की तैयारी की जाएगी।

इस दुर्घटना के बाद रविवार को सर्च ऑपरेशन चलाया गया और सोमवार सुबह एक बार फिर से शवों की खोज शुरू कर दी गई है। सोमवार को हादसे वाली जगह पर खराब मौसम की वजह से बचाव और खोज अभियान चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खराब मौसम की वजह से बार बार अभियान रोकना पड़ रहा है। कल भी मौसम की वजह से अभियान को बीच में रोक दिया गया था।

इस मामले पर भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक ट्वीट में कहा, नेपाल के पोखरा में हुए विमान हादसे के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ। हमारी संवेदनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैं। जयशंकर ने भारतीय दूतावास के हेल्पलाइन नंबर भी साझा किए है।

यति एयरलाइंस की ATR-72 फ्लाइट पोखरा एयरपोर्ट पहुंचने से 10 सेकेंड पहले ये हादसा हुआ। नेपाल के पोखरा एयरपोर्ट का उद्घाटन 14 दिन पहले ही हुआ है। ये विमान पोखरा घाटी में सेती नदी की खाई में गिर गया।

यति एयरलाइंस ने बयान जारी कर 68 लोगों की मौत की पुष्टि की है। बयान के मुताबिक प्लेन में यात्रियों में 53 नेपाली, 5 भारतीय, 4 रूसी, 2 दक्षिण कोरियाई, 1 ऑस्ट्रेलियाई, 1 फ्रेंच, 1 आयरिश और 1 अर्जेंटीना का यात्री था। एयरलाइन ने बताया कि 16 जनवरी के लिए यति एयरलाइंस की सभी उड़ानें रद्द की जाती हैं।

कहा जा रहा है कि यात्रियों की जान विमान के खटारा सिस्टम की वजह से गई। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट FlightRadar24 के मुताबिक यति एयरलाइंस का विमान 15 साल पुराना था। चौंकाने वाली बात यह है कि ये विमान अविश्वसनीय डेटा वाले पुराने ट्रांसपोंडर से लैस था। ये विमान हादसा पिछले 30 सालों में सबसे भीषण हादसे में से एक है। इससे पहले तथ्यों के अनुसार 1992 में पाकिस्तान की इंटरनेशनल एयरलाइन एयरबस ए300 काठमांडू में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में 167 लोग मारे गए थे।

नेपाल में पिछली बड़ी विमान दुर्घटना पिछले साल 29 मई को हुई थी जब तारा एअर का एक विमान पर्वतीय मुस्तांग जिले में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था जिसमें एक भारतीय परिवार के चार सदस्यों समेत इसमें सवार सभी 22 लोगों की मौत हो गई थी।

नेपाल में सोमवार को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की गई है। कैबिनेट की बैठक में इसका फैसला लिया गया है। इसके अलावा इस विमान हादसे की जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच कमेटी बनाने का भी ऐलान किया गया है। इस कमेटी में पूर्व नागरिक उड्डयन सचिव नागेन्द्र घिमिरे, हवाई उडान विज्ञ दीपक प्रसाद बांस्तोला, अवकाश प्राप्त सीनियर पायलट सुनिल थापा और हवाई मेन्टेनेन्स क्षेत्र के इन्जिनियर टेकराज जंग थापा को कमिटी में रखा गया है।

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