रायगढ़ में भूस्खलन से 7 लोगों की मौत; मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में गुरुवार सुबह हुए भूस्खलन से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और कई लोग फंस गए, जिससे करीब 48 परिवार प्रभावित हुए। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने कहा कि मलबे के अंदर कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घोषणा की है कि मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपए दिए जाएंगे और घायलों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी।

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने कहा, “यह घटना रायगढ़ जिले के इरसलगढ़ से सटे एक स्थान पर रात 10.30 बजे हुई। यह एक बहुत ही दुर्गम क्षेत्र है जो बचाव प्रयासों में बाधा उत्पन्न कर रहा है। अधिक लोगों के फंसे होने की आशंका है और एनडीआरएफ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और जिला प्रशासन लोगों को बचाने का प्रयास कर रहा है।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की पांचवीं बटालियन के कमांडेंट एसबी सिंह ने कहा, गांव के 40 घरों में से 17 मलबे में दबे हुए हैं।

एनडीआरएफ ने एक बयान में कहा कि दो टीमें मौके पर पहुंचीं और तलाश एवं बचाव अभियान चलाया। रायगढ़ में खालापुर तहसील के इरशालवाड़ी गांव में भूस्खलन हुआ, जिससे 48 परिवार प्रभावित हुए।

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने घटनास्थल का जायजा लिया और कहा कि यहां पर 45-47 घर हैं जिसमें से 15-17 घर मलबे के नीचे आ गए हैं और अब तक 5 लोगों की मृत्यु हुई है। बचाव अभियान जारी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस परिस्थिति के बारे में फोन पर जानकारी ली है। जो भी सहायता की जरूरत है वो केंद्र की तरफ से आवश्य मिलेगा। सभी लोग बचाव कार्य में जुटे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, ”महाराष्ट्र के रायगढ़ में तेज बारिश से हुए भूस्खलन के संबंध में मैंने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से बात की। NDRF की 4 टीमें घटनास्थल पर पहुँच गई हैं और स्थानीय प्रशासन के साथ बचाव कार्यों में जुटी हैं। लोगों को वहाँ से निकालना व घायलों को तुरंत उपचार देना हमारी प्राथमिकता है।”

उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने कहा कि गांव की आबादी 200 से अधिक है और उनमें से लगभग 80 के जीवित होने की पुष्टि की गई है। उन्होंने कहा कि जब भूस्खलन हुआ तो उनमें से कुछ कहीं और थे। फड़णवीस ने कहा कि भारी बारिश के कारण बचाव अभियान में बाधा आ रही है और अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या गांव में मिट्टी हटाने वाली मशीनें हवाई मार्ग से पहुंचाई जा सकती हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार को ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिलों में गुरुवार और शुक्रवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। ऑरेंज अलर्ट 115.6 मिमी से 204.4 मिमी के बीच वर्षा सीमा के लिए है।

मौसम विभाग ने मुंबई के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया है क्योंकि शहर में पिछले 24 घंटों में करीब 100 मिमी बारिश दर्ज की गई है। शहर में सांताक्रूज़ वेधशाला में 99 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि कोलाबा में तटीय वेधशाला में गुरुवार सुबह 8.30 बजे तक 85 मिमी बारिश दर्ज की गई।

शहर प्रशासन ने भारी बारिश की आशंका के कारण मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और रायगढ़ में सभी निजी और सरकारी स्कूलों को गुरुवार को बंद रखने को कहा है।

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