खड़गे ने मोदी सरकार के खिलाफ जारी किया ‘ब्लैक पेपर’, कहा- ‘अर्थव्यवस्था पर सरकार विफल’; पीएम ने किया ‘काला टीका’ तंज

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को सरकार के ‘श्वेत पत्र’ के खिलाफ ‘ब्लैक पेपर’ जारी किया और आरोप लगाया कि सरकार ‘अर्थव्यवस्था पर विफल’ रही है। पार्टी के अनुसार, ‘ब्लैक पेपर’ बेरोजगारी, मूल्य वृद्धि और किसानों के संकट पर सरकार की ‘विफलताओं’ को उजागर करता है। खड़गे ने ‘ब्लैक पेपर’ जारी करते हुए कहा कि ‘सरकार अर्थव्यवस्था पर विफल रही।’

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‘ब्लैक पेपर’ जारी करने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ”हम सरकार के खिलाफ ‘ब्लैक पेपर’ जारी कर रहे हैं क्योंकि जब भी वे संसद में बोलते हैं, तो हमेशा उपलब्धियों के बारे में बात करते हैं, लेकिन कभी भी अपनी विफलताओं के बारे में नहीं बोलते हैं। वे हमें ऐसा करने भी नहीं देते। वे अर्थव्यवस्था पर विफल रहे हैं। इसलिए हम ब्लैक पेपर निकालकर जनता को सरकार की विफलताओं के बारे में बताना चाहते हैं।”

मल्लिकार्जुन खड़गे ने संवाददाताओं से कहा, “इस देश में बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है। वे इसके बारे में कभी बात नहीं करते।”

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक क्षेत्रों के बारे में बात नहीं की जो (जवाहरलाल) नेहरू द्वारा स्थापित किए गए थे, जिन्होंने नौकरियां दीं। देश में सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजगारी है, लेकिन मोदी सरकार इसकी बात कभी नहीं करती। वे हमेशा 10 साल की तुलना करते हैं, लेकिन पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की उपलब्धियों के बारे में कभी नहीं बताते। यहां तक कि जिस राज्य में BJP की सरकार नहीं है, केंद्र सरकार वहां मनरेगा का पैसा भी नहीं देती, फिर बाद में कहती है कि पैसा तो रिलीज हुआ, लेकिन वो खर्च नहीं किया गया।”

खड़गे ने कहा, “देश में महंगाई बहुत ज्यादा बढ़ गई है, लेकिन PM मोदी उसे कम करने के बदले कांग्रेस से तुलना करते रहते हैं। मोदी सरकार चाहे तो दाल, तेल समेत रोजमर्रा की जरूरी चीजों पर महंगाई को कंट्रोल कर सकती है। लेकिन PM मोदी अपने दोस्तों को फायदा पहुंचाने के लिए बाहर से चीजें इम्पोर्ट कराते हैं।”

इसके अलावा, कांग्रेस प्रमुख ने आरोप लगाया, “हमारे 411 विधायकों को पिछले कुछ वर्षों में भाजपा ने ले लिया है। हमें नहीं पता कि उन्होंने कितना पैसा खर्च किया।”

खड़गे ने कहा, ”प्रधानमंत्री के संसद में बोलने के बाद हमें अपमानजनक/धमकी भरे फोन आए, जिसके बाद हमने पुलिस से शिकायत भी की।” उन्होंने कहा, ”लेकिन मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं एक अनुसूचित जाति का नेता हूं जो बहुत संघर्षों के बाद यहां तक ​​पहुंचा हूं।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “तीन काले कानूनों के खिलाफ किसान 1 साल तक धरने पर बैठे रहे, लेकिन सरकार ने इनकी कोई चिंता नहीं की। PM मोदी ने किसानों से कहा था कि आपको MSP ज्यादा मिलेगी और आमदनी दोगुनी होगी, लेकिन कुछ भी नहीं किया। PM मोदी संसद में बेरोजगारी, मंहगाई और किसानों के बारे में कुछ नहीं बोलते हैं।”

वहीं कांग्रेस के ब्लैक पेपर पर पीएम मोदी ने कहा, “काले टीके से प्रगति को नजर नहीं लगती है और आज काला टीका लगाने का प्रयास हुआ। काले कपड़ों में सदन को फैशन शो देखने का भी मौका मिला। कभी कभी कुछ काम इतने अच्छे होते हैं जो लंबे समय तक उपयोगी होते हैं। हमारे यहां कुछ अच्छी चीज कर लेते हैं तो परिवार में एक स्वजन ऐसा भी आ जाता है जो कहता है कि अरे नजर लग जाएगी काला टीका लगा देता हूं। आज पिछले 10 वर्षों में जो काम हुए हैं उसको किसकी नजर ना लग जाए इसलिए आज खड़गे जी काला टीका लगाकर आए हैं। आज हमारे कार्यों को नजर ना लग जाए इसलिए आप जैसे वरिष्ठ सांसद काला टीका लगाकर आए हैं तो ये अच्छी बात है।’

इससे पहले भाजपा नेता और वित्त पर स्थायी समिति के अध्यक्ष जयंत सिन्हा ने बुधवार को कहा था कि प्रस्तावित ‘श्वेत पत्र’ देश की ‘खराब आर्थिक स्थिति’ को उजागर करेगा। लोकसभा में अंतरिम बजट पर बहस में भाग लेते हुए, सिन्हा ने कहा था कि 2013 में पिछले यूपीए शासन के दौरान भारत दुनिया की ‘नाजुक पांच’ अर्थव्यवस्थाओं में से एक था।

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