चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे और भारतीय जनता पार्टी के नेता बासन गौड़ा आर पाटिल को कर्नाटक चुनाव के प्रचार के दौरान उनकी टिप्पणियों के लिए नोटिस जारी किया है। जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उनकी “नालायक” टिप्पणी के लिए नोटिस मिला, तो वहीं बासन गौड़ा को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के खिलाफ उनकी “विषकन्या” टिप्पणी के लिए नोटिस मिला है।
आयोग ने प्रियांक और बासन गौड़ा को चार मई की शाम 5 बजे तक नोटिस का जवाब देने के लिए कहा गया है। चुनाव आयोग ने दोनों नेताओं से पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए उचित कार्रवाई की जाए?
मालूम हो कि बीजेपी स्टार प्रचारक और उम्मीदवार बासन गौड़ा पाटिल ने कोप्पल जिले के यालबुर्ग इलाके में जनसभा में कहा था कि हमारे देश के प्रधानमंत्री को वो नागरा हाऊ यानी जहरीला नाग बताते हैं, लेकिन आपकी पार्टी (कांग्रेस) जिसके इशारों पर नाच रही है, उसकी नेता सोनिया गांधी तो विषकन्या है। वहीं कांग्रेस नेता खड़गे प्रियांक खड़गे ने 30 अप्रैल को कलबुर्गी की जनसभा में प्रधानमंत्री के लिए कहा कि ऐसा नालायक बेटा बैठा है तो कैसा होता भाई? घर कैसे चलेगा? इन आपत्तियों पर दोनों को नोटिस जारी किया गया है, जिसका जवाब इन्हें चौबीस घंटे में देना है।
आदर्श आचार संहिता का हवाला देते हुए चुनाव आयोग ने कहा कि उन्हें 2 मई को प्रियांक के सार्वजनिक भाषण के खिलाफ शिकायत मिली जिसमें कहा गया है कि उन्होंने पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है। चुनाव आयोग द्वारा जारी नोटिस में ‘नालायक’ हिस्से पर प्रकाश डालते हुए कहा गया है, ”उक्त भाषण के वीडियो की आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों के आलोक में जांच की गई और निम्नलिखित हिस्से को उल्लंघनकारी पाया गया।”
पोल पैनल ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर बासन गौड़ा की टिपण्णी का संज्ञान लिया। प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करने के लिए प्रियांक के खिलाफ बीजेपी ने पोल पैनल का रुख किया था।
