Gujarat Morbi Bridge Collapse: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के गृहराज्य गुजरात में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। राज्ये के मोरबी जिले में मच्छु नदी पर बना केबल पुल टूट गया है और इस घटना के दौरान पुल के ऊपर खड़े सैकड़ों लोग नदी में गिर गए। जानकारी के मुताबिक़, जिस वक़्त ये हादसा हुआ, उस समय पुल पर 400 से 500 लोग थे। घटना के बाद पुलिस और जिला प्रशासन के लोग रेस्क्यू ऑपरेशन में मुस्तैदी से लग गए हैं। रेस्क्यू टीम ने लोगों को नदी से निकालने का का काम शुरू कर दिया है। घायल लोगों को अस्पताल भेजा जा रहा है तो वहीं और लोगों की तलाश जारी है। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए गांधीनगर से NDRF की 2 टीम, 1 टीम बड़ौदा से और राजकोट से SDRF की एक टीम को भी रवाना कर दिया गया है। इसके अलावा कच्छ और राजकोट से तैराकों और 7 दमकल की टीमें भेजी गई हैं। कंट्रोल रूम और हेल्प लाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।
खबर लिखे जाने तक इस हादसे में मरने वालों की संख्या 60 हो गई है जबकि 70 लोग घायल हैं।
2 करोड़ की लागत से हुआ था पुल का रिनोवेशन-
रिनोवेशन के एक ही हफ्ते के अंतराल में इतना बड़ा हादसा होना कई तरह के सवाल खड़ा कर रहा है। तत्कालीन समय मे साढ़े तीन लाख में बने इस पुल का दो करोड़ रूपये के खर्च से रिनोवेशन हुआ था। इस हादसे पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सवाल खड़ा किया है। कांग्रेस ने कहा कि चुनाव की जल्दबाजी में भाजपा ने पुल को लोगों के लिए जल्दी खोल दिया।
1879 में बना यह केबल पुल अभी हाल ही में रिनोवेशन के बाद चालू किया गया था। यह पुल पिछले 6 महीने से बंद था। दिवाली के एक दिन बाद यानी 25 अक्टूबर को इस पुल को आम जनता के लिए खोला गया था।
ऐसी खबर है कि इस पुल की क्षमता करीब 100 लोगों की है, लेकिन रविवार की छुट्टी होने के चलते इस पर करीब 500 लोग जमा थे। यही हादसे की वजह बना। इतने लोगों के एक साथ आज इस पुल पर होने की एक बड़ी वजह ये थी कि चूँकि ये पुल लंबे समय बाद खुला है तो बड़ी संख्या में लोग अपने परिवारों के साथ पुल पर तस्वीरें और सेल्फी लेने पहुंचे थे।
मोरबी के विधायक और राज्य मंत्री बृजेश मेरजा ने कहा कि पुल गिरने से कई लोग नदी में गिर गए। बचाव अभियान जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब यह पुल टूटा तो उस समय झूलते पुल पर कई महिलाएं और बच्चे थे।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ट्वीट कर कहा कि मोरबी में पुल गिरने की त्रासदी से मुझे गहरा दुख हुआ है। राहत और बचाव कार्य जारी है। घायलों के तत्काल उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं. मैं इस संबंध में जिला प्रशासन के लगातार संपर्क में हूं।
मैं प्रधानमंत्री के साथ आगे के कार्यक्रमों को छोटा करके जल्द गांधीनगर पहुंच रहा हूं। राज्य के गृह मंत्री को मौके पर पहुंचने और बचाव कार्यों का मार्गदर्शन करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ समेत जवानों को बचाव कार्य में लगाया गया है। हादसे पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मृतकों के परिवार के लिए 4-4 लाख रुपये और घायलों को 50-50 रुपये देने का ऐलान किया।
पीएमओ ने ट्वीट कर बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोरबी में हुए हादसे को लेकर गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल और अन्य अधिकारियों से बात की है। उन्होंने बचाव अभियान के लिए टीमों को तत्काल जुटाने की मांग की है। उन्होंने स्थिति की बारीकी से और लगातार निगरानी करने और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद देने को कहा है।
पीएमओ ने दूसरा ट्वीट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोरबी हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को PMNRF से 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, ‘मोरबी में हुए हादसे से अत्यंत दुखी हूं। गुजरात के गृह राज्य मंत्री व अन्य अधिकारियों से बात की। स्थानीय प्रशासन पूरी तत्परता से राहत कार्य में लगा है, NDRF भी शीघ्र घटनास्थल पर पहुंच रही है। घायलों के तुरंत उपचार के निर्देश दिए हैं।’
इस दुखद घटना पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया और अपनी संवेदनाएं जताईं। उन्होंने ट्वीट कर कहा, गुजरात के मोरबी में हुए पुल हादसे की खबर बेहद दुःखद है। ऐसे मुश्किल समय में मैं सभी शोकाकुल परिवारों को अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की हर संभव सहायता करें और लापता लोगों की तलाश में मदद करें।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर हादसे पर दुख जताया है। केजरीवाल ने ट्वीट किया, गुजरात से बेहद दुःखद खबर मिल रही है। मोरबी में ब्रिज टूट जाने से कई लोगों के नदी में गिर जाने की खबर है। भगवान से उनकी जान और स्वास्थ्य की प्रार्थना करता हूं।”
देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी मोरबी में केबल पुल गिरने की घटना पर चिंता व्यक्त की-
इस पुल के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी ओरेवा ग्रुप के पास है। इस ग्रुप ने मार्च 2022 से मार्च 2037 तक के लिए मोरबी नगर पालिका के साथ समझौता किया हुआ है। कंपनी के पास ब्रिज की सुरक्षा, सफाई, रखरखाव, टोल वसूलने, स्टाफ के प्रबंधन की जिम्मेदारी है।
बता दें कि इस केबल पुल का उद्घाटन 20 फरवरी, 1879 को मुंबई के गवर्नर श्री रिचर्ड टेम्पल ने किया था। यह उस समय लगभग 3.5 लाख की लागत से 1880 में बनकर तैयार हुआ था। उस समय इस पुल को बनाने का सामान ब्रिटैन से आया था. यह पुल दरबारगढ़ को नजरबाग से जोड़ता था।
