स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले को लेकर केंद्र सरकार सख्त, संस्थान को 6 घंटे के अंदर दर्ज करानी होगी FIR

कोलकाता में एक ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या पर देशव्यापी आक्रोश के मद्देनजर, केंद्र ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों को डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा के मामले में छह घंटे के भीतर मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी स्वास्थ्य सेवा संस्थानों को एक मेमोरेंडम जारी कर कहा कि एफआईआर दर्ज करने की एकमात्र जिम्मेदारी संस्थान के प्रमुख की है। यह निर्देश कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 31 वर्षीय डॉक्टर की हत्या के बाद हिंसा के खिलाफ हेल्थकेयर वर्कर की सुरक्षा के लिए कानून लागू करने की मांग को लेकर देश भर में डॉक्टरों के व्यापक विरोध के बीच आया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी मेमोरेंडम के मुताबिक, ड्यूटी पर तैनात हेल्थकेयर वर्कर के साथ मारपीट या किसी भी तरह की हिंसा होने पर अस्पताल/इंस्टिट्यूशन के हेड के ऊपर घटना के 6 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज कराने की जिम्मेदारी होगी।

बुधवार रात हिंसक भीड़ ने आरजी कर अस्पताल पर धावा बोल दिया और आपातकालीन वार्ड में तोड़फोड़ की, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। हत्या के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों और कर्मचारियों को भी कथित तौर पर पीटा गया, जिसके कारण वैकल्पिक सेवाओं को वापस लेने का नए सिरे से आह्वान किया गया।

डॉक्टरों की एक प्रमुख संस्था, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने 17 अगस्त को 24 घंटे की देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है, जिसके दौरान गैर-आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। हालांकि, आईएमए से संबद्ध अस्पतालों में आवश्यक सेवाएं और कैजुअल्टी वार्ड चालू रहेंगे।

बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) काम नहीं करेंगे और वैकल्पिक सर्जरी नहीं की जाएंगी।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने एक बयान में कहा, “कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुए क्रूर अपराध और स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर की गई गुंडागर्दी के बाद, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने शनिवार यानी 17 अगस्त को सुबह 6 बजे से लेकर रविवार यानी 18 अगस्त को सुबह 6 बजे तक 24 घंटे के लिए आधुनिक चिकित्सा के डॉक्टरों की देशव्यापी सेवा बंद करने की घोषणा की है। सभी आवश्यक सेवाएँ जारी रहेंगी। आपातकालीन विभाग में कर्मचारी मौजूद रहेंगे। नियमित OPD नहीं चलेगी और वैकल्पिक सर्जरी नहीं की जाएगी। यह वापसी उन सभी क्षेत्रों में होगी जहाँ आधुनिक चिकित्सा के डॉक्टर सेवा दे रहे हैं। IMA को अपने डॉक्टरों के उचित उद्देश्य के लिए राष्ट्र की सहानुभूति की आवश्यकता है।”

दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आलोक भंडारी ने कहा, “आज हमारी आपातकालीन बैठक हुई। कलकत्ता में हमारी एक बहन-बेटी के साथ जो हुआ उससे सब लोग रोष में थे और इस दर्द से बहुत पीड़ित थे। दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने इस घटना के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। अगर सरकार अभी भी नहीं जागी और इन समस्याओं का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला तो चिकित्सा पेशे से जुड़े लोगों को सड़कों पर आना होगा। इसी मांग के साथ हमने शनिवार से रविवार 24 घंटे के लिए हड़ताल का आह्वान किया है। यह आखिर जनता का ही मुद्दा है। इससे ज्यादा शर्मनाक बात इस देश के लिए नहीं हो सकती है।”

इस बीच कोलकाता की घटना के विरोध में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता में पदयात्रा करने जा रही हैं। कहा जा रहा है कि ये पदयात्रा 17 अगस्त को होगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महिला डॉक्टर के लिए न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान किया था। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि वह 17 अगस्त को कोलकाता में मौलाली से धर्मतला तक एक रैली करेंगी। ममता ने कहा कि मैं चाहती हूं कि आरोपियों को फांसी दी जाए। मुझे उम्मीद है कि सीबीआई अगले रविवार तक न्याय देगी।

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