संसद का बजट सत्र: अभिभाषण में बोलीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू- ‘सार्थक चर्चा की है उम्मीद’

संसद का बजट सत्र बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा नए संसद भवन में लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र में उद्घाटन भाषण देने के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सत्र के दौरान संसद में सार्थक चर्चा होगी। अप्रैल-मई में संभावित आम चुनावों से पहले मौजूदा लोकसभा की यह अंतिम बैठक है। सभी की निगाहें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर होंगी, जो 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करने वाली हैं, जिसमें सरकार की प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।

राष्ट्रपति ने नवनिर्मित संसद भवन में अपने संबोधन की शुरुआत में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के सार और भारत की सांस्कृतिक और सभ्यतागत महिमा के प्रतिबिंब पर टिप्पणी की। राष्ट्रपति ने कहा कि नए सदन में उनका यह पहला संबोधन है। यहां संसदीय परंपराओं का गौरव है। हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। हमने अपनी आजादी के योगदान को याद किया है। मेरी माटी मेरा देश अमृत कलश यात्रा निकाली है। सत्तर हजार अमृत सरोवर बनाए हैं। दो करोड़ से ज्यादा पेड़ लगवाए। कर्त्तव्यपथ को नेताजी की मूर्ति मिली है। पीएम स्मारक खोला गया है।

अपने भाषण में राष्ट्रपति मुर्मू ने पिछले साल की ऐतिहासिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, जिसमें भारत की आर्थिक वृद्धि और जी20 शिखर सम्मेलन की सफल मेजबानी और एशियाई खेलों में देश के प्रदर्शन जैसे मील के पत्थर शामिल हैं। उन्होनें कहा, “तमाम संकटों के बीच भारत एक अग्रणी अर्थव्यवस्था बन गया है। भारत चंद्रमा के दक्षिण दिशा में झंडा फहराने वाला पहला देश बन गया। जी20 सफल रहा है। एशियाई खेलों में हमने 100 से ज्यादा पदक जीते हैं। मिशन मोड में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिली हैं।”

उन्होंने गरीबी उन्मूलन और युवाओं, महिलाओं, किसानों और गरीबों सहित समाज के विभिन्न वर्गों को सशक्त बनाने के लिए करों के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया। मुर्मू ने कहा, “नारी शक्ति अधिनियम पारित करने के लिए मैं आपकी सराहना करती हूं। इससे लोकसभा और राज्यसभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। हमने अनुच्छेद 370 हटा दिया है। हमने बचपन से गरीबी हटाओ का नारा सुना था, अब हम इसे साकार होते देख रहे हैं। हमने 25 करोड़ की गरीबी मिटा दी और हम आगे बढ़ रहे हैं। हम सही दिशा में हैं। खादी ग्राम औद्यौगिक की कीमतों में चार गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। आईटीआर फाइलिंग की संख्या तीन करोड़ से ऊपर बढ़कर 8 करोड़ हो गई है। 98 लाख से अब 1.40 करोड़ जीएसटी का भुगतान करते हैं। वाहन खरीदारों की संख्या बढ़ी है।”

राष्ट्रपति ने कहा, दुनिया में गंभीर संकटों के बावजूद भारत तेजी के साथ विकसित हो रहा है। मेरी सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक लेकर भी आई है। ये ऐसे कानून हैं, जो विकसित भारत की सिद्धि की मजबूत पहल हैं। क्रिमनल जस्टिस सिस्टम अब इतिहास बन गया है।

राष्ट्रपति ने जैसे ही राम मंदिर बनने, नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र किया तो सदन में तालियां गूंज उठी। पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत अन्य नेताओं ने मेज थपथपाई। राष्ट्रपति का कहना था कि राम मंदिर बनने की आकांक्षा सदियों से थी. 25 करोड़ भारतीय गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। तीन तलाक के खिलाफ सरकार ने कड़े कानून बनाए। पिछले 10 वर्ष में भारत ने राष्ट्र-हित में ऐसे अनेक कार्यों को पूरा होते हुए देखा है जिनका इंतजार देश के लोगों को दशकों से था।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत ने एशियाई खेलों में 100 से ज्यादा मेडल जीते। 5जी रोल आउट करने वाला पहला देश बन गया है। अनुच्छेद 370 पर आशंकाएं अब इतिहास बन गई हैं। आज एक लाख से ज्यादा स्टार्टअप हैं।

उन्होनें कहा, “एक देश-एक टैक्स कानून लाया गया है। बैंकिंग सिस्टम मजबूत हाग या है। बैंकों का एनपीए घटकर 4 प्रतिशत रह गया है। पहले की तुलना में एफडीआई दोगुना हो गया है। सुशासन और पारदर्शिता के चलते आर्थिक सुधार हुआ है। मेक इन इंडिया सबसे बड़ा अभियान बन गया है। रक्षा क्षेत्रों में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ी है। आज हम खिलौने निर्यात करते हैं। ईज ऑफ डुइंग बिजनेस भी सुधार हुआ है। देश में बिजनेस को लेकर अच्छा माहौल बना है। डिजिटल इंडिया से बिजनेस करने में आसान आई है। डिजिटल इंडिया देश की बड़ी उपलब्धि बन गया है। दुनिया के दूसरे देश भी आज यूपीए से ट्रांजेक्शन की सुविधा दे रहे हैं। सरकार को निजी क्षेत्र की क्षमता पर भरोसा है। 2 करोड़ फर्जी लाभार्थी सिस्टम से बाहर किए गए हैं।

राष्ट्रपति ने कहा, सरकार ने 34 लाख करोड़ सीधे लाभार्थियों के खाते में डाले हैं। डिजि लॉकर जीवन को आसान बना रहा है। भारत में दुनिया का 46 प्रतिशत लेनदेन डिजिटल होने लगा है। वन विभाग से क्लीयरेंस मे अब 75 दिन लगते हैं। रेलवे के क्षेत्र में भी देश ने नए आयाम छूए हैं। इंफ्रास्क्ट्रचर में रिकॉर्ड निवेश किया गया है। विकसित भारत की भव्य इमारत चार स्तंभ पर खड़ी हो सकती है। ये युवा शक्ति, नारी शक्ति, किसान शक्ति और गरीब वर्ग है।

उन्होनें कहा कि बीता वर्ष देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धियों से भरा रहा है। राष्ट्रपति ने लगातार दूसरी तिमाही में देश की विकास दर 7.5 फीसदी रहने का जिक्र किया और आर्थिक नीतियों की तारीफ की। राष्ट्रपति ने कहा, सरकार ने महंगाई को काबू में रखा और लोगों पर इसका बोझ नहीं बढ़ने दिया।

राष्ट्रपति का कहना था कि सरकार ने उज्ज्वला योजना पर 2.5 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं। गरीबों को सस्ता राशन देने के लिए 20 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं। आयुष्मान योजना से मुफ्त इलाज दिया जा रहा है। 11 करोड़ घरों को पहली बार नल से जल योजना से जोड़ा गया है। किडनी मरीजों के डायलिसिस की सुविधा दी है। एलईडी बल्ब से बिजली के बिल में बचत लाने की कोशिश की है। योजनाओं को तेजी से पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

राष्ट्रपति ने कहा कि बीते साल दुनिया ने दो बड़े युद्ध देखे। वैश्विक संकट के बावजूद देश की सरकार ने महंगाई नहीं बढ़ने दी है। गरीबों और मध्यम वर्ग को सस्ते में हवाई टिकट मिल रहे हैं।

मुर्मू ने कहा कि सभ्यताओं के कालखंड में ऐसे पड़ाव आते हैं, जो सदियों का भविष्य तय करते हैं। भारत के इतिहास में भी ऐसे अनेक पड़ाव आए हैं। इस वर्ष 22 जनवरी को भी देश ऐसे ही एक पड़ाव का साक्षी बना है। सदियों की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में रामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हो गए हैं। ये करोड़ों देशवासियों की आस्था है। सदन में सांसदों ने जय श्री राम के नारे लगाए और मेजें थपथपाकर स्वागत किया।

मालूम हो की राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर दोनों सदनों में 2 फरवरी से चर्चा शुरू होगी। पीएम मोदी 7 फरवरी को दोपहर 2 बजे राज्यसभा में चर्चा का जवाब देंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को देश का बजट पेश करेंगी।

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