भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी पहली सूची जारी की। सूची तब जारी की गई है जब चुनाव आयोग ने अभी तक दोनों राज्यों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा नहीं की है।
भाजपा ने अपनी पहली सूची में छत्तीसगढ़ के लिए 21 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं, जिनमें पांच महिलाएं शामिल हैं। 2018 में हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा था। राज्य की कुल 90 विधानसभा सीटों में से बीजेपी को सिर्फ 15 सीट पर ही जीत मिली थी। वहीं कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 68 विधानसभा सीटें जीतकर सरकार बनाई। अब बीजेपी के कई मुद्दों को लेकर तैयारी में जुटी है और जिन सीटों पर हार मिली, उसके कारणों का पता लगाकर आगे की रणनीति बना रही है।
पार्टी ने मध्य प्रदेश के लिए 39 उम्मीदवारों के नाम भी घोषित किए हैं, जिनमें पांच महिलाएं भी शामिल हैं।
2018 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 230 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत से दो कम 114 सीटें मिलीं थीं। वहीं, बीजेपी के खाते में 109 सीटें आई थीं। वहीं बसपा को दो जबकि अन्य को पांच सीटें मिली थीं। तब कांग्रेस ने बसपा, सपा और अन्य का साथ लेकर सरकार बनाई थी और 15 साल बाद राज्य में सत्ता पाई थी। कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। दिसंबर 2018 से मार्च 2020 तक कांग्रेस की सरकार चली, लेकिन 15 महीने पूरे होते-होते कमलनाथ सरकार की सत्ता से विदाई तय हो गई और कई विधायक बीजेपी के साथ हो गए और फिर बीजेपी ने सत्ता में वापसी की।
यह घोषणा भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा दोनों राज्यों में पार्टी की चुनावी तैयारियों की समीक्षा के एक दिन बाद आई है। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे।
सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने बीजेपी के शीर्ष नेताओं को उम्मीदवारों की पहली सूची जल्द से जल्द घोषित करने का निर्देश दिया था ताकि पार्टी के पास चुनाव के लिए जमीनी काम करने के लिए पर्याप्त समय हो।
सूत्रों ने बताया कि पहली सूची उन सीटों पर केंद्रित है जिन पर पार्टी खुद को कमजोर मानती है।
