बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला: अभिषेक बनर्जी से कोलकाता में ईडी कार्यालय में हुई पूछताछ

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी 13 सितंबर को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए। बुधवार को ही विपक्षी गुट इंडिया की समन्वय समिति की पहली बैठक राष्ट्रीय राजधानी में हुई लेकिन अभिषेक इसमें शामिल नहीं हो सके। बनर्जी विपक्षी गुट के समन्वय पैनल के सदस्य हैं। उन्हें बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में पूछताछ के लिए ईडी ने तलब किया था।

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े एक मामले में ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी से पूछताछ की।

इससे पहले अभिषेक ने कोर्ट से सुरक्षा मांगी थी ताकि उनके खिलाफ भर्ती मामले का निपटारा होने तक ईडी उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न कर सके। मंगलवार को न्यायाधीश तीर्थंकर घोष की बेंच में मामले की सुनवाई हुई।

मंगलवार को ईडी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय को इस मामले में केंद्रीय एजेंसी की जांच से उनका नाम हटाने की याचिका पर अंतिम फैसला आने तक बनर्जी के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का मौखिक आश्वासन दिया। यह मामला कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की एकल-न्यायाधीश पीठ द्वारा 19 सितंबर को निर्धारित किया गया है।

इससे पहले ईडी ने उन्हें इसी मामले में पूछताछ के लिए 13 जून को बुलाया था। हालांकि, वो नहीं आए। 20 मई को, सीबीआई अधिकारियों ने स्कूल भर्ती मामले में बनर्जी से नौ घंटे तक लंबी पूछताछ की थी। हालांकि, बनर्जी ने उस मैराथन पूछताछ के परिणाम को जीरो बताया था। इस बीच, तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने दावा किया है कि ईडी के नोटिस का सम्मान करने और विपक्षी दलों की समन्वय समिति की महत्वपूर्ण पहली बैठक में नहीं जाने का अभिषेक बनर्जी का फैसला इस बात का प्रमाण है कि वह किसी भी जांच का सामना करने से नहीं डरते हैं।

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टीएमसी सांसद को यह समन केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा स्कूल नौकरियों घोटाले के सिलसिले में शहर में ‘लीप्स एंड बाउंड्स प्राइवेट लिमिटेड’ के कार्यालय पर छापा मारने के कुछ हफ्ते बाद आया है। ईडी ने दावा किया कि बनर्जी कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। इससे पहले उन्हें पशु तस्करी मामले में ईडी ने कई बार तलब किया था। जून में उन्होंने एजेंसी से कहा था कि वह बंगाल में जुलाई में पंचायत चुनाव के बाद किसी भी पूछताछ के लिए उपलब्ध रहेंगे।

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