पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ चल रहे तनाव के बीच खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा बलों को बांग्लादेश और म्यांमार की सीमाओं पर हाई अलर्ट बनाए रखने के लिए कहा गया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। एजेंसियों को मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार की कार्रवाइयों और वहां पाकिस्तान की आईएसआई और पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों की बढ़ती मौजूदगी के मद्देनजर बांग्लादेश सीमा पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।
पाकिस्तान अपने बांग्लादेशी समकक्षों के साथ-साथ वहां के कट्टरपंथी इस्लामी समूहों के साथ भी संबंध मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।
पाकिस्तान इन कट्टरपंथी तत्वों का उपयोग, जिनका बांग्लादेश की सीमा से लगे भारतीय क्षेत्रों में समर्थन आधार है, दोनों देशों के बीच शत्रुता उत्पन्न होने की स्थिति में भारत के लिए परेशानी पैदा करने के लिए कर सकता है।
वक्फ कानून को लेकर बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुए दंगों के बाद भारतीय एजेंसियां बांग्लादेश सीमा पर स्थिति पर सक्रियता से नजर रख रही हैं।
बांग्लादेश की सीमा से लगे मुर्शिदाबाद जिले में हुई हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए। केंद्र को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेशी उपद्रवियों ने हिंसा भड़काई।
भारत की पूर्वी सीमा पर हाई अलर्ट भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच जारी किया गया है, जिसे पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद नई दिल्ली द्वारा जवाबी कार्रवाई की आशंका है।
सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान ने भारत से लगी सीमा पर अपने सैनिकों को तैनात करना शुरू कर दिया है और अपनी नौसेना को भी तैयार रखा है। यह सब तब हो रहा है जब पाकिस्तान लगातार बिना उकसावे के नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए गोलीबारी कर रहा है।
यह घटनाक्रम पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार के उस दावे के बाद सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार के पास “विश्वसनीय खुफिया जानकारी” है, जो संकेत देती है कि भारत अगले 24 से 36 घंटों के भीतर सैन्य हमला कर सकता है।
पाकिस्तान की यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा तीनों सेना प्रमुखों के साथ बैठक के दौरान सेना को 22 अप्रैल के हमले का जवाब देने के लिए “पूर्ण स्वतंत्रता” दिए जाने के एक दिन बाद आई है।
