गुजरात के पोरबंदर में ATS ने किया इस्लामिक स्टेट मॉड्यूल का भंडाफोड़, एक महिला सहित चार आरोपी गिरफ्तार

गुजरात पुलिस के आतंकवाद-रोधी दस्ते (एटीएस) ने तटीय शहर पोरबंदर में इस्लामिक स्टेट के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है और एक महिला सहित चार संदिग्धों को पकड़ा है। एटीएस सूत्रों के मुताबिक, एक और विदेशी नागरिक के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

ATS को इनपुट मिला था कि चारों आरोपी आईएस के आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा हैं। वे पिछले एक साल से एक-दूसरे के संपर्क में थे और देश से भागकर आईएस में शामिल होने की योजना बना रहे थे। एटीएस ने उनकी पहचान की और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी।

गुजरात के डीजीपी विकास सहाय ने प्रेंस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि चारों गिरफ्तार आरोपित इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरासान प्रोविंस (आईएसकेपी) के सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से तीन भारत के रहने वाले हैं। जबकि एक विदेशी नागरिक है। ये चारों आईएसकेपी के सक्रिय सदस्य हैं और उनके कब्जे से कई प्रतिबंधित चीजें मिली हैं। सीमा पार आकाओं के इशारों पर चारों कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़ गए थे।

डीजीपी ने कहा कि कई दिनों से आतंकी गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। इसी को लेकर पोरबंदर और आसपास के इलाकों में विशेष अभियान के लिए पिछले कुछ दिनों से एटीएस की एक विशेष टीम सक्रिय थी। तभी सूचना मिली की गुजरात के पोरबंदर में आतंकी डेरा डाले हुए हैं। तो टीम ने सख्ती कर उन्हें दबोच लिया।

पोरबंदर में डीआईजी दीपन भद्रन और एसपी सुनील जोशी के नेतृत्व में सुमेरा नाम की महिला समेत चारों आरोपियों को पकड़ने का अभियान शुक्रवार देर रात शुरू हुआ। छापेमारी के दौरान कई प्रतिबंधित सामान बरामद हुए हैं।

एटीएस के हत्थे चढ़ी महिला की पहचान सुमेरा बानो के रूप में हुई है। सूरत की रहने वाली सुमेरा बानों ने तमिलनाडु में शादी की थी। वह आईएस के मॉड्यूल पर काम करती थी। सुमेरा लव जिहाद के लिए 16-18 साल के लड़कों को तैयार करती थी। गिरफ्तार किये गए उबेद नासिर मीर, हसन हयात , और मोहम्मद हाजिम को पोरबंदर से जबकि सुमेरा को सूरत से गिरफ्तार किया गया है। ये चारो पोरबंदर से मछुआरे के भेष में किसी फिशिंग बोट में अफगानिस्तान की तरफ भागने की फ़िराक में थे। चारों आरोपी पाकिस्तान में सीमा पार उनके आकाओं द्वारा प्रशिक्षित किए गए थे।

बता दें कि कुछ दिनों पहले गुजरात एटीएस ने अहमदाबाद में तीन और लोगों को गिरफ्तार किया था, जिन पर आईएस सदस्य होने का संदेह था।

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