दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अडानी मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला बोला है। मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में बोलते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘अगर ईडी या सीबीआई जांच (हिडेनबर्ग रिपोर्ट में) होती है, तो मोदी जी डूबेंगे, अडानी नहीं।’ अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसी के लिए कुछ नहीं किया, फिर वह अपने दोस्त के प्रति इतने दयालु क्यों हैं? इतना बड़ा संकट आया, हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आई… मोदीजी अडानी को बचाने में लगे हैं। एक राजनीतिक धारणा भी बनती है।”
केजरीवाल ने कहा कि कांग्रेस जितना 75 साल में नहीं लूट पाई, उससे ज्यादा बीजेपी ने देश को 7 साल में लूट लिया है। हमेशा दिमाग अडानी का होता है और पैसा पीएम मोदी का। उन्होंने दावा किया कि 67 साल में भारत की सभी सरकारों ने मिलकर 55 लाख करोड़ का कर्जा लिया था। लेकिन 2014 से 2022 तक सात साल में 85 लाख करोड़ का कर्जा ले लिया गया। जितना 67 सालों में लिया गया था, उसके दोगुना 7 सालों में ले लिया।
विधानसभा में संबोधित करते हुए सीएम केजरीवाल ने कहा कि जिस दिन अडानी दुनिया का दूसरा सबसे अमीर आदमी बना था, उस दिन पीएम मोदी दुनिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स बने थे। अब वह दुनिया के सबसे अमीर आदमी बनना चाहते हैं।
दिल्ली के सीएम ने कहा कि, “ऐसा कहा जाता है कि अडानी सिर्फ सामने है; उनके पीछे निवेशक मोदी हैं”। अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने अडानी समूह को $442 मिलियन की पवन ऊर्जा परियोजना देने के लिए श्रीलंका पर “दबाव” डाला।
अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में कहा कि, “मोदीजी ने श्रीलंका को अडानी को विंड प्रोजेक्ट देने के लिए मजबूर किया … तकनीकी रूप से, यह परियोजना अडानी को नहीं, बल्कि खुद (पीएम मोदी) को दी गई थी। जब राजपक्षे से श्रीलंका की संसद में इसके बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि, उन्होंने दबाव में प्रोजेक्ट दिया था”।
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि थोड़े दिन पहले ऑर्डर निकाला। सारे पॉवर प्लांट को 10 प्रतिशत कोयला इंपोर्ट वाला खरीदना पड़ेगा और इंपोर्ट तो अडानी ही करते हैं। वह कोयला हमारे देश के कोयले से दस गुना महंगा पड़ता है।
उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करके लोगों की फैक्ट्रियों पर कब्जा किया जा रहा है। पहले कृष्णापट्टनम पोर्ट पर रेड पड़ी और कुछ साल बाद उसे अडानी ने खरीद लिया। एसीसी और अंबुजा सीमेंट पर छापा पड़ा और बाद में इसे अडानी ने खरीद लिया। मुंबई एयरपोर्ट को पहले जीवीके कंपनी ग्रुप चलाता था, यहां भी रेड हुई और एयरपोर्ट अडानी के पास चला गया। फैक्ट्री वालों को डराया जा रहा है कि या तो जेल जाओ या कारोबार हमारे हवाले कर दो।
उन्होंने दावा किया कि दो साल पहले जब हवाईअड्डों का निजीकरण किया गया था, तो अंतिम समय में नीलामी की कुछ शर्तों को हटा दिया गया था और छह हवाई अड्डों को अडानी समूह को दे दिया गया था। केजरीवाल ने कहा- ‘दो साल पहले छह हवाई अड्डों की नीलामी की गई थी। ऐन वक्त पर शर्तों को हटा दिया गया और छह एयरपोर्ट अडानी को दे दिए गए। अडानी नहीं खुद मोदी। हवाईअड्डे का 30 फीसदी कारोबार मोदी जी के पास है’।
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि, ‘इनसे मिलने कोई विदेश से आता या ये जाते हैं—तो क्या होता है: फोटो खिंचा ले, पार्क में घूम ले, तारीफ़ कर दे…. यही हुआ जब अंग्रेज आए थे, राजा महाराजा से अंग्रेज दो-चार अच्छी बात करके कहीं भी साइन करा लेते थे. पीएम मोदी आज़ादी के बाद के सबसे भ्रष्ट प्रधानमंत्री हैं’!
