कूनो नेशनल पार्क में एक और चीता की मौत, पांच महीने में 7वीं घटना; कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा

दक्षिण अफ्रीका से लाकर मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में रखे गए एक और चीते तेजस की मंगलवार देर शाम मौत हो गई। तेजस से पहले पार्क में तीन चीतों और तीन शावकों की जान जा चुकी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एक निगरानी दल को मंगलवार को एक नर चीता की गर्दन के ऊपरी हिस्से पर चोट के निशान मिले। हालांकि बाद में चीता तेजस बाड़े में मृत पाया गया। आशंका जताई जा रही है कि तेजस की मौत आपस में टकराव से हुई है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि, “एक हालिया घटना में 11/07/2023 की सुबह लगभग 11:00 बजे, निगरानी टीम ने तेजस (बोमा नंबर 6) नामक नर चीता की गर्दन के ऊपरी हिस्से पर चोट के निशान पाए गए। निगरानी दल ने तुरंत पालपुर मुख्यालय में मौजूद वन्यजीव पशु चिकित्सकों को सूचित किया। वन्यजीव पशुचिकित्सकों ने घटनास्थल पर जाकर तेजस चीता की जांच की, प्रारंभिक निरीक्षण में चोटें गंभीर पाईं।”

बयान में आगे कहा गया- “उपचार प्रदान करने की अनुमति प्राप्त की गई थी और पशु चिकित्सकों की एक टीम को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने और तेजस का इलाज करने के लिए आवश्यक तैयारियों के साथ स्थान पर भेजा गया था। दुर्भाग्य से लगभग 2:00 बजे, नर चीता तेजस घटनास्थल पर मृत पाया गया। तेजस को लगी चोटों के कारणों के संबंध में आगे की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम जांच से मौत का कारण पता चलेगा।”

यह घटना श्योपुर जिले में स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान में दो और चीतों को जंगल में छोड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुआ। लगातार हो रही मौतों को लेकर वन्य जीव विशेषज्ञों ने भी चिंता जाहिर की है।

सातवें चीते की मौत को लेकर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सरकार पर तंज कसते हुए ट्वीट किया, “तीन चीतों और तीन शावकों के बाद तेजस, कूनो में मरने वाला सातवां चीता है। इन नुकसानों पर शिकारी शंभु की ओर से दुःख का एक शब्द भी नहीं। बेशक वह मणिपुर में हुई तबाही पर भी चुप्पी साधे हुए हैं।”

मध्य प्रदेश के वन मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह ने कहा, “मैंने अधिकारियों से भी बात की है और यह जानवरों में होने वाली एक प्राकृतिक घटना है। विदेशी विशेषज्ञों सहित विशेषज्ञों की एक टीम प्रत्येक चीता की निगरानी कर रही है।”

मालूम हो कि आठ नामीबियाई चीते (पांच मादा और तीन नर) को केएनपी में पिछले साल सितंबर में लाया गया था। इस साल 18 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से बारह और चीते – सात नर और पांच मादा – केएनपी में लाए गए थे। लेकिन अब कूनो पार्क में 16 वयस्क चीते और 1 शावक ही बचे हैं।

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