लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने स्पीकर ओम बिरला से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि विपक्षी सदस्यों को निष्पक्ष तरीके से अपने विचार रखने का अवसर मिले। कांग्रेस नेता का ये भी आरोप है कि उनके माइक्रोफोन अक्सर म्यूट कर दिए जाते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी के विदेश में भाषण को लेकर सदन में “सरकार द्वारा प्रायोजित” व्यवधान सत्तारूढ़ बीजेपी द्वारा वायनाड के सांसद की छवि को खराब करने के लिए एक “सोची-समझी साजिश” है।
अधीर रंजन चौधरी ने ओम बिरला को लिखे एक पत्र में कहा, “13 मार्च, 2023 को ब्रेक के बाद जब से सदन फिर से शुरू हुआ है, तब से सदन में सरकार द्वारा प्रायोजित व्यवधान है, यह देखकर मुझे बहुत निराशा हुई है।” उन्होंने कहा, “मेरे लिए यह देखना अधिक परेशान करने वाला है कि यहां तक कि मंत्री भी कार्यवाही को बाधित करने के लिए खुद मुखर रूप से पहल करते हैं।”
अधीर रंजन ने कहा, “मुझे ऐसा प्रतीत होता है कि विपक्षी दल (श्री राहुल गांधी) के एक सदस्य की छवि को धूमिल करने के लिए सत्ता में पार्टी की ओर से एक अच्छी तरह से रची गई साजिश है।”
अधीर ने पत्र में कहा है कि, “ट्रेजरी बेंच के सदस्यों द्वारा व्यवधान, सदन को बाधित करने में मंत्रियों द्वारा निभाई जा रही मुख्य भूमिका, विपक्षी सदस्यों के सभी माइक को चुप कराना, श्री राहुल गांधी जी द्वारा व्यक्त किए गए विचारों (‘भारत में अक्सर विपक्षी सदस्यों के माइक म्यूट कर दिए जाते हैं’) की पर्याप्त पुष्टि करता है।
बता दें कि बजट सत्र के दूसरे भाग के लगातार तीसरे दिन संसद में व्यवधान और विरोध देखा गया, क्योंकि सरकार और विपक्ष अपनी मांगों पर अड़े रहे। जबकि सरकार ने राहुल गांधी से विदेशों में भारतीय लोकतंत्र के अपमान के रूप में देखे जाने के लिए माफी की मांग की तो वहीं विपक्षी दलों ने अडानी समूह द्वारा धोखाधड़ी के आरोपों की संयुक्त संसदीय पैनल जांच की मांग की है।
