अडानी विवाद: कांग्रेस का प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा हमला, जयराम रमेश ने पूछा 3 सवाल; पार्टी ने Twitter पर भी शुरू किया पोल

कांग्रेस पार्टी ने अडानी ग्रुप पर हिंडनबर्ग रिसर्च के द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। रविवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता और महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट किया और प्रधांनमत्री से इस मुद्दे पर तीन सवाल पूछा। जयराम रमेश ने अपने ट्वीट में लिखा, “अडानी समूह पर लगे गंभीर आरोपों के बीच मोदी सरकार ने चुप्पी साध रखी है जिससे किसी सांठ-गांठ का साफ़ इशारा मिल रहा है। प्रधानमंत्री ये कहकर बच नहीं सकते कि ‘हम अडानी के हैं कौन। रविवार से इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी PM से प्रतिदिन तीन प्रश्न पूछेगी।

जयराम रमेश ने कहा कि 4 अप्रैल 2016 को पनामा पेपर्स के खुलासे के जवाब में वित्त मंत्रालय ने घोषणा की थी कि आपने (पीएम मोदी) व्यक्तिगत रूप से एक बहु-एजेंसी जांच समूह को विदेशी टैक्स हेवन समझे जाने वाले देशों से वित्तीय प्रवाह की निगरानी करने का निर्देश दिया था। इसके बाद 5 सितंबर, 2016 को हांगझोऊ, चीन में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान आपने (पीएम मोदी) कहा: “हमें आर्थिक अपराधियों के लिए सुरक्षित आश्रयों को खत्म करने, धन शोधन करने वालों का पता लगाने और उनका बिना शर्त प्रत्यार्पण करने और जटिल अंतरराष्ट्रीय विनियमों और अत्यधिक बैंकिंग गोपनीयता के उस ताने-बाने को ध्वस्त करने के लिए कार्रवाई करने की आवश्यकता है, जो इन भ्रष्टाचारियों और उनकी गतिविधियों को छिपाती है।”रमेश ने कहा कि, यह परिस्थितियां हमें ऐसे प्रश्नों की ओर ले जाती हैं: जहां पर आप ये कहकर बच नहीं सकते कि ‘हम अडानी के हैं कौन (HAHK)’।

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से रविवार को ये तीन सवाल पूछे-

सवाल 1. गौतम अडानी के भाई विनोद अडानी का नाम पनामा और पेंडोरा पेपर्स में बहामास और ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में ऑफशोर कंपनियों को चलाने वालों में शामिल था। उन पर ‘ऑफशोर शेल कंपनियों’ के जरिए ‘स्टॉक हेरफेर’ और ‘धोखाधड़ी’ में शामिल होने का भी आरोप है। आप हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी ईमानदारी और ‘नीयत’ की बात करते हैं। ऐसे में एक बिजनेस घराना, जिससे आपकी सार्वजनिक नजदीकियां हैं, उस पर गंभीर आरोप हैं। इस संबंध में आपके द्वारा करवाई जा रही जांच की निष्पक्षता और ईमानदारी पर प्रकाश डालिए।

सवाल 2. BJP ने सालों से विरोधियों को डराने व कई व्यापारिक घरानों को दंडित करने के लिए एजेंसियों (ED, CBI & DRI) का दुरुपयोग किया है। ऐसे में अडानी ग्रुप पर लगे गंभीर आरोपों की जांच के लिए क्या कार्रवाई हुई? क्या मौजूदा नेतृत्व में निष्पक्ष जांच की कोई उम्मीद है?

सवाल 3. यह कैसे मुमकिन है कि अडानी समूह गंभीर आरोपों के बावजूद जांच से बचा हुआ है? क्या अडानी समूह उस व्यवस्था के लिए जरूरी था जिसे आपके भ्रष्टाचार विरोधी बयानों से फायदा मिला है?

कांग्रेस ने अपने ऑफिसियल ट्विटर हैंडल पर रविवार को एक ट्विटर पोल भी शुरू किया, जिसमें पूछा गया कि क्या पीएम “अपने मित्र अडानी” के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोपों की जांच करवाएंगे।

बता दें कि इसी मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी 6 फरवरी को सड़क से संसद तक प्रदर्शन करेगी। पार्टी ने संसद से सड़क तक आंदोलन करने का रूपरेखा तैयार की है, जिसके तहत देश भर में सोमवार को LIC दफ्तरों और SBI की शाखाओं के सामने प्रदर्शन किया जाएगा।

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