कक्षा 7 के एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में ‘राष्ट्रीय युद्ध स्मारक’ पर अध्याय किया गया शामिल

इस वर्ष से कक्षा 7 के एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में ‘राष्ट्रीय युद्ध स्मारक – हमारे बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि’ पर एक अध्याय शामिल किया गया है। रक्षा और शिक्षा मंत्रालयों द्वारा संयुक्त रूप से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य स्कूली बच्चों में ”देशभक्ति, कर्तव्य के प्रति समर्पण और साहस और बलिदान के मूल्यों को विकसित करना” और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी को बढ़ाना है।

रक्षा मंत्रालय ने कहा, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर एक अध्याय – ‘हमारे बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि’ – को कक्षा सातवीं के एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य स्कूली बच्चों में देशभक्ति, कर्तव्य के प्रति समर्पण और साहस और बलिदान के मूल्यों को विकसित करना और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी को बढ़ाना है।

मंत्रालय ने कहा, ‘यह अध्याय स्वतंत्रता के बाद राष्ट्र की सेवा में सशस्त्र बलों के बहादुरों द्वारा किए गए सर्वोच्च बलिदान के अलावा, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (एनडब्ल्यूएम) के इतिहास, महत्व और अवधारणा पर प्रकाश डालता है।”

इस अध्याय में दो मित्र, पत्रों के आदान-प्रदान के माध्यम से देश के बहादुर जवानों द्वारा किए गए बलिदानों के कारण मिली स्वतंत्रता के लिए अपनी कृतज्ञता की भावनाओं को व्यक्त करते हैं। इस अध्याय में, प्रतिष्ठित स्मारक को देखने के दौरान, भावनात्क रूप से बच्चों के मन पर जो गहरा प्रभाव और जुड़ाव पैदा होता है उसे NCERT के लेखकों द्वारा रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

इसमें कहा गया है, ”प्रतिष्ठित स्मारक देखने के दौरान बच्चों के मन और दिल में जो गहरा भावनात्मक प्रभाव और जुड़ाव पैदा होता है, उसे एनसीईआरटी के लेखकों ने रचनात्मक ढंग से सामने लाया है।”

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “एनसीईआरटी आने वाले वर्ष में नई किताबें लाने का प्रयास कर रहा है। यह सब छात्रों को यह बताने के उद्देश्य से किया जा रहा है कि भारत ने कैसे कोविड प्रबंधन, जी20 शिखर सम्मेलन, चंद्रयान मिशन आदि को अंजाम दिया और छात्रों की आलोचनात्मक सोच को आगे बढ़ाया?”

एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी ने कहा, “यह बहुत पहले हो जाना चाहिए था। यह आश्चर्य की बात है कि ऐसा पहले क्यों नहीं किया गया…यह इस साल मार्च से पढ़ाया जा रहा है जब पाठ्यपुस्तक जारी हुई थी…”

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 फरवरी, 2019 को नई दिल्ली में NWM को राष्ट्र को समर्पित किया था। इसकी स्थापना देशवासियों में बलिदान और राष्ट्रीयता की भावना की भावना पैदा करने के साथ देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान करने वाले बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से की गई थी।

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